भोपाल (09 जुलाई 25)। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व और मार्गदर्शन में राज्य सरकार सभी वर्गों के कल्याण के लिए कार्य कर रही है। औद्योगिकीकरण को बढ़ावा देकर युवाओं के लिए स्व-रोजगार के अवसर पैदा किए जा रहे हैं। सरकार लाड़ली बहना की राशि बढ़ा रही है। टेक्सटाइल पार्क में काम करने वाली लाड़ली बहनों को 5000 रुपए अलग से दिलाएंगे। एमपीपीएससी की तीन साल की परीक्षा एक साथ कराने का आदेश दिया गया है। युवाओं का कोई अहित नहीं होने देंगे। एक लाख शासकीय पदों पर भर्तियां हो रही हैं। राज्य सरकार ने इंदौर में हुकुमचंद मिल के मजदूरों को 300 करोड़ रुपए दिलवाये, जिससे 30 साल पुराना विवाद खत्म हुआ। रतलाम की सज्जन मिल और ग्वालियर की मिल के लिए भी इसी तरह के प्रयास जारी हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने एक मीडिया समूह द्वारा भोपाल में आयोजित 'एमपी तक बैठक' संवाद कार्यक्रम में यह बात कही।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि धार्मिक नगरी उज्जैन के विकास के लिए हर संभव प्रयास किए जा रहे हैं। सिंहस्थ-2028 के लिए तैयारियां जारी हैं। इस आयोजन में सारे रिकॉर्ड टूटेंगे। क्षिप्रा नदी को 12 मासी जीवंत रखने के लिए कान्ह नदी परियोजना पर कार्य जारी है। गंभीर नदी को भी इसमें शामिल किया जा रहा है। क्षिप्रा के जल से श्रद्धालुओं और किसानों को लाभ मिलेगा। प्रदेश सरकार मेट्रोपॉलिटन विकास को गति प्रदान करने के लिए एक साल के अंदर बिल लेकर आऐगी। मध्यप्रदेश पर्यटन निगम लाभ में रहने वाला देश का एकमात्र टूरिज्म बोर्ड है। राज्य सरकार ने पर्यटन को वाइल्ड लाइफ से जोड़ा है। मध्यप्रदेश टाइगर, चीता, घड़ियाल और गिद्ध की संख्या में नंबर-एक पर है। उन्होंने कहा कि इंदौर का पोहा व्यंजनों का एम्बेसडर बन सकता है। भाप पर बने पोहे में तेल कम इस्तेमाल होता है। राज्य सरकार ओबीसी को 27 प्रतिशत आरक्षण देने के लिए कटिबद्ध है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि राज्य में जनकल्याण और विकास की गतिविधियों के क्रियान्वयन में प्रदेशवासियों का हरसंभव सहयोग और समर्थन निरंतर प्राप्त हो रहा है।