Wednesday, 07 Oct 2026

चक्रवात 'दित्वा' से तमिलनाडु में भारी बारिश

चेन्नई (01 दिसंबर 25)। चक्रवाती तूफान 'दित्वा' से श्रीलंका में आई विनाशकारी बाढ़ और भूस्खलन के बाद रविवार को 300 से ज्यादा लोगों की मौत हो गई। अब इसका असर भारत में दिखाई दे रहा है। चक्रवात दित्वा' के प्रभाव से तमिलनाडु के कई हिस्सों में भारी बारिश जारी है जबकि वर्षा से जुड़ी घटनाओं में तीन लोगों की मौत हो गई। मौसम कार्यालय ने कहा कि अगले 24 घंटों में चक्रवात के राज्य के उत्तरी हिस्सों के तटों और पड़ोसी पुडुचेरी के समानांतर बढ़ने की संभावना है। तमिलनाडु के कावेरी डेल्टा जिलों में भारी बारिश के कारण रामनाथपुरम और नागपट्टिनम जिलों में भारी बारिश हुई है। तटीय शहरों रामेश्वरम और नागपट्टिनम में जनजीवन प्रभावित रहा क्योंकि भारी बारिश के कारण कई निचले इलाके जलमग्न हो गए।

क्षेत्रीय मौसम विभाग के नवीनतम बुलेटिन के अनुसार, चक्रवात 7 किमी प्रति घंटे की गति से लगभग उत्तर की ओर बढ़ गया है और यह कुड्डालोर से लगभग 100 किलोमीटर पूर्व-दक्षिणपूर्व, कराईकल से 100 किमी उत्तरपूर्व, पुडुचेरी से 110 किमी दक्षिणपूर्व, वेदारण्यम से 140 किमी उत्तरपूर्व, पुडुचेरी से 160 किमी दक्षिणपूर्व और चेन्नई से 180 किमी दक्षिण-दक्षिणपूर्व में केंद्रित है। मौसम विभाग द्वारा रविवार दोपहर जारी बुलेटिन में कहा गया है कि उत्तरी तमिलनाडु-पुडुचेरी तटों से चक्रवात के केंद्र की न्यूनतम दूरी लगभग 70 किमी है। बुलेटिन में कहा गया है, ‘अगले 24 घंटों के दौरान इसके उत्तरी तमिलनाडु-पुडुचेरी तटों के समानांतर उत्तर की ओर बढ़ने की प्रबल संभावना है। उत्तर की ओर बढ़ते हुए, चक्रवाती तूफान 30 नवंबर तक दक्षिण-पश्चिम बंगाल की खाड़ी के ऊपर न्यूनतम 60 किमी और तमिलनाडु-पुडुचेरी तटरेखा से 30 किमी की दूरी पर केंद्रित होगा।' चक्रवात के प्रभाव के कारण, अगले 24 घंटों में कुड्डालोर, नागापट्टिनम, मयिलादुथुराई, विल्लुपुरम, चेंगलपट्टू, पुदुक्कोट्टई, तंजावुर, तिरुवरूर, अरियालुर, पेरम्बलुर, तिरुचिरापल्ली, चेन्नई, कांचीपुरम, तिरुवल्लूर और रानीपेट जिलों तथा पुडुचेरी और कराईकल में कुछ स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश होने की संभावना है। उत्तरी तटीय तमिलनाडु और पुडुचेरी में 60-70 किमी प्रति घंटे की गति से तेज़ हवाएं चलने की संभावना है, जो बढ़कर 80 किमी प्रति घंटे तक पहुंच सकती हैं। बुलेटिन में कहा गया है कि समुद्र का मौसम खराब रहने की आशंका है और 1 दिसंबर की सुबह तक इसमें धीरे-धीरे सुधार होने की उम्मीद है। मछुआरों को समुद्र में न जाने की सलाह दी गई है। राज्य के राजस्व एवं आपदा प्रबंधन मंत्री केके एसएसआर रामचंद्रन ने बताया कि राज्य सरकार ने राज्य आपदा मोचन बल (एसडीआरएफ) और राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ) सहित 38 आपदा प्रतिक्रिया टीम को मुस्तैद रखा है। 


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