Monday, 28 Sep 2026

चढ़ावा विवाद: एक्टिव हुए चंपत राय-अनिल मिश्रा

अयोध्या (19 अगस्त 26)। राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के पूर्व जनरल सेक्रेटरी चंपत राय और पूर्व ट्रस्टी अनिल मिश्रा, जिन्होंने मंदिर चढ़ावा चोरी विवाद के बीच इस्तीफा दे दिया था लेकिन SIT की रिपोर्ट के बाद फिर से अयोध्या में एक्टिव हो गए हैं, मीटिंग कर रहे हैं और संतों से बातचीत कर रहे हैं। यह बदलाव इसलिए अहम है क्योंकि सुप्रीम कोर्ट के दखल से पहले राम मंदिर चढ़ावा में कथित गड़बड़ियों की जांच के लिए बनाई गई स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (SIT) की फाइनल रिपोर्ट ट्रस्ट के साथ शेयर कर दी गई है, जिससे इसके कंटेंट को लेकर अटकलें तेज हो गई हैं।

एक सीनियर अधिकारी बताया, 'मैं बस इतना कह सकता हूं कि रिपोर्ट ट्रस्ट के साथ शेयर कर दी गई है। इसके कंटेंट के बारे में मुझे जानकारी नहीं है।' मंदिर चंदा चोरी का मामला जब चरम पर था, तब राय ने कहा था कि SIT के फाइनल रिपोर्ट जमा करने के बाद वह अपनी चुप्पी तोड़ेंगे, इसलिए उनकी मीटिंग्स की अपनी अहमियत है। हालांकि, राम मंदिर ट्रस्ट के मेंबर राजकुमार दास ने न्यायिक प्रक्रिया पूरी होने तक SIT के नतीजों के बारे में कोई नतीजा निकालने से आगाह किया। सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर बनी दूसरी SIT को पहले सुप्रीम कोर्ट के देखने के लिए एक 'सीलबंद लिफाफे' में अपनी रिपोर्ट जमा करनी है। दास ने कहा, 'अभी तक मुझे जांच रिपोर्ट के बारे में कोई जानकारी नहीं है। मामले की जांच सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर हो रही है, इसलिए जब तक जांच के बाद सही रिपोर्ट फाइल नहीं हो जाती, तब तक कुछ भी कहना ठीक नहीं होगा।' इस बात से कुछ VHP नेता भी सहमत थे। राय VHP के वाइस प्रेसिडेंट भी हैं।

राय, जो जून में चंदा विवाद शुरू होने के बाद से काफी हद तक लोगों की नज़रों से दूर रहे हैं, हाल के हफ्तों में अयोध्या में मंदिरों और आश्रमों में जा रहे हैं और जाने-माने संतों से मिल रहे हैं। जून की शुरुआत में राम मंदिर के डोनेशन में गड़बड़ी के आरोप सामने आने के बाद श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की सिफारिश पर उत्तर प्रदेश सरकार ने पहली SIT बनाई थी, जिसकी शुरुआती रिपोर्ट में राय और मिश्रा का नाम आरोपी या गलत काम करने वाले के तौर पर नहीं था। इसमें डोनेशन की गिनती में गड़बड़ियों की बात कही गई थी।

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