इंदौर (21 जुलाई 26)। इंदौर नगर निगम स्वच्छता के साथ ईमानदारी में भी नम्बर वन है, यह नगर निगम के कर्मचारी ने साबित कर दिया है। दरअसल, यहां सफाई के चक्कर में एक महिला ने 2 किलो का चांदी का लोटा कचरा गाड़ी में फेंक दिया। जब महिला को यह एहसास हुआ तो उसके पैरों तले जमीन खिसक गई। आनन-फानन में इंदौर नगर निगम को सूचना दी गई, जिसके बाद 24 घंटे की मशक्कत के बाद निगम कर्मचारी कचरे में से चांदी का लोटा ढूंढ लाए।
निगम कर्मचारियों ने बताया कि मामला वार्ड क्रमांक-80 का है, जहां महिला ने एक जैसी थैली होने के कारण 2 किलो वजनी चांदी का लोटा कचरा समझकर फेंक दिया था। इंदौर के वार्ड क्रमांक 80 में रहने वाले रावेरकर परिवार की महिला ने घर में से कचरे की गाड़ी में घर में रखा हुआ तकरीबन 2 किलो वजनी चांदी का लोटा डाल दिया। जब परिजनों ने उस चांदी के लोटे को ढूंढा तो वह घर में नहीं मिला। इसके बाद उन्हें ध्यान आया कि जिस जगह से कचरे की थैली उठाकर कचरा गाड़ी में डाली थी, वहीं पर चांदी का लोटा रखा हुआ था। इसके बाद परिजनों ने वार्ड क्रमांक 80 के पार्षद प्रशांत बड़वे से संपर्क किया और उन्होंने निगम के अधिकारियों से संपर्क किया। क्षेत्र में कचरा कलेक्शन करने वाले निगम कर्मचारी और दरोगा भरत वेध से संपर्क किया गया। उसके बाद राजेंद्र नगर क्षेत्र की विभिन्न कॉलोनियों से कचरा इकट्ठा करने के बाद जब गाड़ी लालबाग स्थित ट्रेंचिंग ग्राउंड पर पहुंची तो वहां उस लोटे वाली थैली को ढूंढा गया। जब वह वहां नहीं मिली तो एक अन्य ट्रेंचिंग ग्राउंड पर भी उसकी तलाश की गई और तकरीबन 24 घंटे की मशक्कत के बाद उस लोटे को निगम कर्मचारियों ने ढूंढकर परिजनों तक पहुंचाया।