देहरादून (11 मार्च 26)। उत्तराखंड में होने वाली पवित्र चारधाम यात्रा 2026 के लिए रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया शुरू हो गई है। हर साल लाखों श्रद्धालु गंगोत्री, यमुनोत्री, केदारनाथ और बद्रीनाथ धाम के दर्शन के लिए पहुंचते हैं। इस बार यात्रा पर जाने की योजना बना रहे श्रद्धालुओं के लिए पंजीकरण अनिवार्य किया गया है। उत्तराखंड सरकार ने 6 मार्च सुबह 7 बजे से ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन शुरू कर दिया है, जिसे श्रद्धालु घर बैठे आधिकारिक पोर्टल या मोबाइल एप के जरिए पूरा कर सकते हैं।
चारधाम यात्रा के लिए श्रद्धालु आसानी से घर बैठे ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन कर सकते हैं। इसके लिए उत्तराखंड सरकार के आधिकारिक पर्यटन पोर्टल या मोबाइल एप का उपयोग करना होगा। वेबसाइट या एप खोलने के बाद चारधाम यात्रा 2026 से जुड़ा नोटिफिकेशन दिखाई देगा। इसके बाद आपको अपने मोबाइल नंबर की मदद से अकाउंट बनाना होगा। अकाउंट बनने के बाद पोर्टल पर मांगी गई सभी व्यक्तिगत जानकारी सावधानीपूर्वक भरनी होगी। सभी विवरण भरने के बाद फॉर्म सबमिट करें और रजिस्ट्रेशन की पुष्टि (कन्फर्मेशन स्लिप) डाउनलोड कर लें। यात्रा के दौरान इस पंजीकरण पर्ची को अपने साथ रखना जरूरी होगा। जो श्रद्धालु ऑफलाइन रजिस्ट्रेशन कराना चाहते हैं, उन्हें थोड़ा इंतजार करना होगा। जानकारी के अनुसार, ऑफलाइन पंजीकरण प्रक्रिया 17 अप्रैल से शुरू होगी, यानी यात्रा शुरू होने से दो दिन पहले से। ऑफलाइन रजिस्ट्रेशन के लिए श्रद्धालुओं को उत्तराखंड के ऋषिकेश, हरिद्वार और देहरादून में बनाए गए रजिस्ट्रेशन काउंटरों पर जाना होगा। वहां आवश्यक दस्तावेज देकर पंजीकरण कराया जा सकेगा। चारधाम यात्रा के लिए मंदिरों के कपाट खोलने की तिथियां भी तय कर दी गई हैं- गंगोत्री मंदिर- 19 अप्रैल 2026, यमुनोत्री मंदिर- 19 अप्रैल 2026, केदारनाथ मंदिर- 22 अप्रैल 2026 एवं बद्रीनाथ मंदिर- 23 अप्रैल 2026। उत्तराखंड सरकार ने चारधाम यात्रा के लिए रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया पूरी तरह निशुल्क रखी है। यानी श्रद्धालुओं को पंजीकरण कराने के लिए किसी भी प्रकार का शुल्क नहीं देना होगा। यदि कोई व्यक्ति रजिस्ट्रेशन के नाम पर पैसे की मांग करता है, तो उसके खिलाफ शिकायत की जा सकती है।