इंदौर (30 जुलाई 2026)। मध्यप्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष जीतू पटवारी ने इंदौर शहर कांग्रेस अध्यक्ष चिंटू चौकसे को पंढरीनाथ थाने में घंटों बैठाकर पूछताछ किए जाने पर कड़ी आपत्ति जताई है। पटवारी ने कहा कि फरवरी में गांधी भवन स्थित कांग्रेस कार्यालय के बाहर हुए विवाद के मामले में पुलिस द्वारा चिंटू चौकसे को लगातार नोटिस जारी कर थाने बुलाया गया। तीसरे नोटिस के बाद वे स्वयं थाने पहुंचे, लेकिन उन्हें घंटों तक थाने में बैठाकर पूछताछ करना बेहद दुर्भाग्यपूर्ण और चिंताजनक है। उन्होंने कहा कि यदि पुलिस को किसी मामले की जांच करनी है तो कानून के अनुसार जांच करे, लेकिन राजनीतिक दल के निर्वाचित पदाधिकारी को घंटों थाने में बैठाकर मानसिक दबाव बनाने की कार्रवाई लोकतांत्रिक व्यवस्था के लिए उचित नहीं है।
पटवारी ने कहा कि इस पूरे मामले में भाजपा और कांग्रेस दोनों पक्षों के बीच विवाद हुआ था। ऐसे में पुलिस की जिम्मेदारी है कि पूरे घटनाक्रम की निष्पक्ष जांच करे और दोनों पक्षों के साथ समान व्यवहार करे। केवल कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं को निशाना बनाना पुलिस की निष्पक्षता पर गंभीर सवाल खड़े करता है। उन्होंने कहा कि शहर कांग्रेस अध्यक्ष चिंटू चौकसे जांच में सहयोग कर रहे हैं और स्वयं नोटिस का पालन करते हुए थाने पहुंचे हैं। इसके बावजूद उन्हें कई घंटे तक थाने में बैठाकर पूछताछ करना अनावश्यक दबाव और राजनीतिक प्रताड़ना जैसा प्रतीत होता है। उन्होंने पुलिस प्रशासन से मांग की कि चिंटू चौकसे जी अनावश्यक रूप से घंटों थाने में बैठाकर न रखा जाए और पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की जाए। पटवारी ने कहा कांग्रेस कार्यकर्ता कानून का सम्मान करते हैं और जांच में सहयोग करने से कभी पीछे नहीं हटेंगे, लेकिन राजनीतिक दबाव में पुलिस का इस्तेमाल कर कांग्रेस नेताओं को डराने और दबाने की कोशिश बर्दाश्त नहीं की जाएगी। भाजपा सरकार जितना कांग्रेस की आवाज दबाने का प्रयास करेगी, कांग्रेस उतनी ही मजबूती से जनता के मुद्दों के लिए आवाज उठाएगी। उन्होंने कहा कि कानून सबके लिए समान होना चाहिए और पुलिस की कार्रवाई राजनीतिक पक्षपात से मुक्त होनी चाहिए।