ढाका (10 सितंबर 26)। बांग्लादेशी सेना द्वारा चीन निर्मित सैन्य उपकरणों का इस्तेमाल करना भारी पड़ गया है। चटगांव के हथाजारी फील्ड फायरिंग रेंज में एक सैन्य अभ्यास के दौरान चीन निर्मित 'टाइप 69IIG' टैंक का गोला अचानक फट गया। इस दर्दनाक हादसे में टैंक पर सवार दो बांग्लादेशी क्रू सैनिकों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि कमान संभाल रहे एक कैप्टन गंभीर रूप से घायल हो गए। हादसे में जान गंवाने वाले सैनिकों की पहचान अबू बकर सिद्दीक और तसनीम रफायत के रूप में हुई है। वहीं, घायल अधिकारी की पहचान कैप्टन मिर्जा के रूप में की गई है, जिनके दोनों हाथों में गंभीर चोटें आई हैं। कैप्टन मिर्जा को इलाज के लिए ढाका स्थित संयुक्त सैन्य अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उनकी स्थिति बेहद गंभीर बनी हुई है। बांग्लादेशी सेना ने हादसे में दो सैनिकों की मौत की आधिकारिक पुष्टि कर दी है।
इस भयावह घटना का एक वीडियो सोशल मीडिया पर भी तेजी से साझा किया जा रहा है। वीडियो में देखा जा सकता है कि विस्फोट के जोर से टैंक के ऊपर खड़ा एक सैनिक हवा में कई फीट ऊपर उछल जाता है। शुरुआती तौर पर इस विस्फोट का मुख्य कारण घटिया गोला-बारूद माना जा रहा है। इस हादसे के बाद चीन के बने टैंकों की गुणवत्ता और बांग्लादेशी सेना की ट्रेनिंग व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। बांग्लादेशी सेना ने घटना की गहन जांच के लिए एक विशेष जांच दल का गठन किया है। यह जांच दल गोला-बारूद की गुणवत्ता, टैंक के उपकरणों, चालक दल की कार्रवाइयों, फायरिंग रेंज की सुरक्षा व्यवस्था और कमान पर्यवेक्षण की बारीकी से जांच करेगा। यह चीन निर्मित मुख्य युद्धक टैंक है, जिसका बांग्लादेशी सेना लंबे समय से उपयोग कर रही है। यह सोवियत T-54/55 और चीनी टाइप 59/69 टैंकों का उन्नत व आधुनिक वेरिएंट है। इसमें 105 मिमी L7 सीरीज की मेन गन लगी है। साथ ही सुरक्षा के लिए विस्फोटक प्रतिक्रियाशील कवच (ERA), कंप्यूटरीकृत फायर कंट्रोल सिस्टम और नाइट विजन उपकरण मौजूद हैं।