उरुमकी (08 अप्रैल 26)। चीन की मध्यस्थता में पाकिस्तान और अफगानिस्तान के बीच एक सप्ताह तक चली अहम वार्ता बिना किसी ठोस समझौते के समाप्त हो गई है। हालांकि, दोनों देशों ने भविष्य में बातचीत जारी रखने और मतभेदों को सुलझाने के लिए प्रयास जारी रखने पर सहमति जताई है। यह वार्ता 1 से 7 अप्रैल के बीच चीन के उरुमकी शहर में आयोजित की गई थी, जिसमें तीनों देशों के प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया। चीन के विदेश मंत्रालय की प्रवक्ता माओ निंग ने बताया कि बैठक का माहौल सकारात्मक रहा और बातचीत खुलकर तथा व्यावहारिक तरीके से हुई। उन्होंने कहा कि 'संपर्क में बने रहना' ही इस बैठक की सबसे बड़ी उपलब्धि है।
पाकिस्तान और अफगानिस्तान के बीच तनाव की मुख्य वजह सीमा पार आतंकवाद है। पाकिस्तान ने आरोप लगाया है कि अफगानिस्तान की तालिबान सरकार प्रतिबंधित संगठनों को शरण दे रही है, जिनमें Tehrik-i-Taliban Pakistan (TTP), Baloch Liberation Army (BLA) संगठन पाकिस्तान में लगातार हमले कर रहे हैं और अस्थिरता फैला रहे हैं। यह बैठक फरवरी के अंत में पाकिस्तान द्वारा शुरू किए गए सैन्य अभियान के बाद पहली बड़ी बातचीत थी। इस अभियान का उद्देश्य अफगानिस्तान में मौजूद कथित आतंकी ठिकानों को निशाना बनाना था। हालांकि इस बार कोई बड़ा समझौता नहीं हुआ, लेकिन दोनों देश बातचीत जारी रखने पर सहमत हुए हैं और भविष्य में और उच्च स्तर की बैठकें हो सकती हैं। चीन इस प्रक्रिया को आगे भी समर्थन देगा।