बीजिंग (12 मई 26)। चीन और अमेरिका के बीच व्यापारिक तनाव के माहौल में फार्मास्यूटिकल सेक्टर से बड़ी खबर सामने आई है। चीन की सबसे बड़ी दवा कंपनी Jiangsu Hengrui Pharmaceutical ने अमेरिकी फार्मा दिग्गज Bristol Myers Squibb (BMS) के साथ 15.2 अरब डॉलर तक का वैश्विक सहयोग और लाइसेंसिंग समझौता किया है। यह समझौता ऐसे समय हुआ है जब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप 13 से 15 मई तक बीजिंग दौरे पर जा रहे हैं। वहां उनकी मुलाकात Xi Jinping से होगी, जिसमें टैरिफ, निवेश और व्यापार समझौते जैसे मुद्दों पर चर्चा होने की संभावना है।
रिपोर्ट के अनुसार यह साझेदारी कैंसर (ऑन्कोलॉजी), रक्त संबंधी बीमारियों (हेमेटोलॉजी) और इम्यूनोलॉजी से जुड़े कुल 13 प्रोग्राम पर आधारित है। इनमें हेंग्रुई के 4 ऑन्कोलॉजी और हेमेटोलॉजी प्रोग्राम, BMS के 4 इम्यूनोलॉजी प्रोग्राम और 5 नए संयुक्त रिसर्च प्रोग्राम शामिल हैं। ये सभी अभी प्रीक्लिनिकल स्टेज में हैं। समझौते के तहत BMS, हेंग्रुई को शुरुआती तौर पर 95 करोड़ डॉलर तक का भुगतान करेगी। इसमें 60 करोड़ डॉलर का अग्रिम भुगतान भी शामिल है। अगर रिसर्च, रेगुलेटरी मंजूरी और कमर्शियल लक्ष्यों को हासिल कर लिया जाता है तो इस डील का कुल मूल्य 15.2 अरब डॉलर तक पहुंच सकता है। यह समझौता चीन की बढ़ती दवा अनुसंधान क्षमता को भी दर्शाता है। पिछले कुछ वर्षों में चीन केवल कम लागत वाले दवा निर्माण केंद्र से आगे बढ़कर नई दवाओं के विकास और बायोटेक रिसर्च का बड़ा केंद्र बनकर उभरा है। चीन आज Active Pharmaceutical Ingredients (API), जेनेरिक दवाओं, बायोटेक और कॉन्ट्रैक्ट मैन्युफैक्चरिंग में दुनिया के प्रमुख खिलाड़ियों में शामिल है। India सहित कई देशों को चीन बड़ी मात्रा में API निर्यात करता है।