बीजिंग (02 जून 25)। आज की दुनिया में लड़ाई केवल हथियारों और सेनाओं से नहीं लड़ी जा रही। अब एक और ताकत है, जो किसी देश की सीमाओं से भी ज्यादा खतरनाक मानी जा रही है... और वो है इंटरनेट पर नियंत्रण। चीन इस क्षेत्र में दुनिया का सबसे बड़ा खिलाड़ी बन चुका है। उसकी 'डिजिटल तानाशाही' ने ये साबित कर दिया है कि अगर इंटरनेट को काबू कर लिया जाए तो पूरी दुनिया को सूचना के माध्यम से प्रभावित किया जा सकता है। Freedom House की 2021 की रिपोर्ट 'Freedom on the Net' में चीन को इंटरनेट आज़ादी के मामले में 100 में से केवल 10 अंक मिले। ये आंकड़ा दिखाता है कि चीन ने कैसे अपने नागरिकों की ऑनलाइन गतिविधियों को पूरी तरह नियंत्रित कर रखा है। 70 देशों की समीक्षा में चीन सबसे ज्यादा इंटरनेट नियंत्रण वाला देश पाया गया। चीन की ये ताकत एक तकनीकी प्रणाली के जरिए चलती है जिसे 'ग्रेट फायरवॉल ऑफ चाइना' कहा जाता है। यह एक ऐसा सिस्टम है जो देश के भीतर और बाहर जाने वाले इंटरनेट ट्रैफिक को कड़ी निगरानी में रखता है।