शंघाई (10 अगस्त 26)। चीन की तकनीकी ताकत और आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर भी इस वक्त कुदरत के एक बड़े इम्तिहान के सामने बेबस नजर आ रहा है। टाइफून डॉल्फिन ने पूर्वी चीन में भारी तबाही मचाई है। सबसे ज्यादा असर शंघाई में देखने को मिला, जहां कुछ इलाकों में रिकॉर्ड बारिश ने सड़कों को नदियों में बदल दिया। प्रशासन को बड़े पैमाने पर लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाना पड़ा, जबकि हवाई और रेल सेवाओं पर भी असर पड़ा। टाइफून डॉल्फिन ने 9 अगस्त को झेजियांग प्रांत के युहुआन के पास चीन के तट पर दस्तक दी। उस समय तूफान की अधिकतम हवा की रफ्तार करीब 42 मीटर प्रति सेकंड यानी 151 किलोमीटर प्रति घंटा बताई गई।
तट से टकराने के बाद तूफान कमजोर होकर उष्णकटिबंधीय तूफान में बदल गया, लेकिन इसका असर खत्म नहीं हुआ। इसके कारण शंघाई, झेजियांग और जियांग्सू समेत कई इलाकों में भारी बारिश का खतरा बना रहा। टाइफून का सबसे बड़ा असर शंघाई में दिखाई दिया। शहर के एक मौसम केंद्र ने 24 घंटे के दौरान बेहद भारी बारिश दर्ज की, जिसे पिछले करीब डेढ़ सदी में सबसे ज्यादा बारिश बताया जा रहा है। कुछ रिपोर्टों के मुताबिक, एक दिन में करीब 220 मिलीमीटर तक बारिश दर्ज की गई। इतनी बारिश के बाद शहर के कई हिस्सों में जलभराव हो गया और सड़कें पानी से भर गईं। कई जगहों की तस्वीरें और वीडियो सोशल मीडिया पर सामने आए, जिनमें सड़कें पानी में डूबी नजर आईं। शंघाई में हालात ऐसे हो गए कि कई इलाकों में सड़कें और निचले क्षेत्र पानी में डूब गए। घनी आबादी वाले इस शहर में बड़ी मात्रा में कंक्रीट और पक्की सड़कें होने के कारण बारिश का पानी तेजी से जमीन में नहीं समा पाता। इस वजह से भारी बारिश के दौरान जलभराव और बाढ़ का खतरा और बढ़ जाता है। मौसम विभाग ने कुछ क्षेत्रों में आने वाले दिनों के दौरान 200 से 400 मिलीमीटर तक अतिरिक्त बारिश की आशंका जताई थी। हालात बिगड़ने के बाद प्रशासन ने बड़े पैमाने पर लोगों को संवेदनशील इलाकों से बाहर निकाला।रिपोर्ट के अनुसार, रविवार शाम तक अकेले शंघाई में करीब 2 लाख 15 हजार 600 लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया।