नईदिल्ली (22 जून 26)। अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर रविवार को दुनिया भर में हजारों लोगों ने योग कार्यक्रमों में भाग लिया। विदेशों में स्थित भारतीय दूतावासों और वाणिज्य दूतावासों द्वारा आयोजित कार्यक्रमों में योग को स्वास्थ्य, मानसिक संतुलन और बेहतर जीवनशैली का प्रभावी माध्यम बताया गया।
Shanghai के प्रसिद्ध Bund Finance Center में आयोजित कार्यक्रम में लगभग 400 लोगों ने भाग लिया। कार्यक्रम का आयोजन भारत के महावाणिज्य दूतावास ने किया था। महावाणिज्य दूत प्रतीक माथुर ने योग को भारत की दुनिया को दी गई अमूल्य भेंट बताते हुए कहा कि यह शारीरिक स्वास्थ्य, मानसिक कल्याण और सक्रिय वृद्धावस्था को बढ़ावा देता है। कार्यक्रम में ध्यान सत्र, मणिपुरी नृत्य, भारतीय शास्त्रीय संगीत और योग के लाभों पर विशेष प्रस्तुति दी गई।
Lincoln Memorial में सैकड़ों लोगों ने भारतीय दूतावास द्वारा आयोजित योग सत्र में भाग लिया। इसके अलावा Dupont Circle और World Bank परिसर सहित कई स्थानों पर कार्यक्रम आयोजित किए गए। विशेष आकर्षण के रूप में एक आयुर्वेद कॉर्नर भी बनाया गया, जहां पारंपरिक भारतीय स्वास्थ्य पद्धतियों की जानकारी दी गई।
Riyadh में आयोजित कार्यक्रम में लगभग 500 प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया। इनमें सरकारी अधिकारी, राजनयिक, विद्यार्थी और भारतीय समुदाय के सदस्य शामिल थे। योग सत्र का नेतृत्व सऊदी महिला प्रशिक्षकों सीमा घननाम और मालक आलमगीर ने किया। भारतीय दूतावास ने इसे भारत-सऊदी सांस्कृतिक संबंधों की एक महत्वपूर्ण उपलब्धि बताया। Tokyo के ऐतिहासिक Tsukiji Hongwan-ji Temple में आयोजित समारोह में 2,100 से अधिक लोगों ने भाग लिया। बारिश के बावजूद 'Yoga Together, Rain or Shine' के नारे के साथ लोगों का उत्साह देखने लायक था और पूरा परिसर ऊर्जा व सकारात्मकता से भर गया।
Toronto में Ontario Legislative Assembly की पृष्ठभूमि में आयोजित कार्यक्रम में लगभग 800 प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया। भारत के महावाणिज्य दूत महावीर सिंघवी ने कहा कि योग सांस्कृतिक, भाषाई और राष्ट्रीय सीमाओं से परे जाकर लोगों को जोड़ता है तथा स्वास्थ्य और आंतरिक संतुलन का सार्वभौमिक मार्ग प्रदान करता है। Nepal के Lumbini में स्थित इटरनल पीस फ्लेम और Maya Devi Temple के निकट आयोजित कार्यक्रम में 600 से अधिक लोगों ने भाग लिया। इस अवसर पर लुम्बिनी प्रांत के राज्यपाल कृष्णा बहादुर भी मौजूद रहे।
संयुक्त राष्ट्र द्वारा 2015 से अंतरराष्ट्रीय योग दिवस मनाए जाने के बाद योग की लोकप्रियता लगातार बढ़ी है। आज यह केवल एक व्यायाम पद्धति नहीं, बल्कि स्वास्थ्य, मानसिक शांति और वैश्विक सद्भाव का प्रतीक बन चुका है। दुनिया के अनेक देशों में भारतीय दूतावासों द्वारा आयोजित कार्यक्रमों ने एक बार फिर योग की वैश्विक पहुंच और भारत की सांस्कृतिक शक्ति को प्रदर्शित किया।