नईदिल्ली (11 अगस्त 25)। बिहार में मतदाता सूची संशोधन और कथित 'वोट चोरी' के खिलाफ विपक्षी दलों ने सोमवार को संसद से चुनाव आयोग तक मार्च निकाला। इस मार्च में कांग्रेस नेता राहुल गांधी, पार्टी अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे समेत कई विपक्षी सांसद शामिल हुए। हालांकि, संसद मार्ग पर पुलिस ने बैरिकेड लगाकर उन्हें बीच में ही रोक दिया और सभी को हिरासत में ले लिया, जिन्हें बाद में छोड़ दिया गया।
मार्च के दौरान मीडिया द्वारा चुनाव आयोग से मिले नोटिस को लेकर सवाल पूछे जाने पर राहुल गांधी ने तीखा जवाब दिया। उन्होंने कहा, 'ये चुनाव आयोग का डेटा है, मेरा डेटा थोड़ी है जो मैं साइन करूं। हमने आपको ही दिया है, आप अपनी वेबसाइट पर डाल दीजिए, सबको पता लग जाएगा। ये सिर्फ बेंगलुरु में नहीं, देश के अलग-अलग निर्वाचन क्षेत्रों में हुआ है। चुनाव आयोग जानता है कि उसका डेटा फटेगा, इसलिए उसे कंट्रोल और छिपाने की कोशिश हो रही है।'
गौरतलब है कि कर्नाटक की वोटर लिस्ट में गड़बड़ी के राहुल गांधी के आरोपों के बाद चुनाव आयोग ने सख्त रुख अपनाया है। आयोग ने राहुल गांधी को पत्र लिखकर कहा है कि उन्होंने मतदाताओं के नाम, पते और पहचान में धांधली के जो आरोप लगाए हैं, उनके साक्ष्य शपथ पत्र के साथ प्रस्तुत करें। यदि वे ऐसा नहीं करते हैं, तो अपने बयान वापस लें और जनता को गुमराह करना बंद करें।
संसद मार्ग पर पुलिस द्वारा रोके जाने के बाद कई सांसद सड़क पर ही बैठ गए और नारेबाजी करने लगे। इस दौरान टीएमसी सांसद महुआ मोइत्रा, कांग्रेस सांसद संजना जाटव और जोठिमणि समेत कई महिला सांसद बैरिकेड पर चढ़ गईं और चुनाव आयोग के खिलाफ नारे लगाए। सभी को पुलिस ने हिरासत में लेकर संसद मार्ग थाने ले गई, जहां कुछ समय बाद उन्हें रिहा कर दिया गया।