नईदिल्ली (28 अक्टूबर 25)। देशभर में मतदाता सूची को अधिक सटीक और पारदर्शी बनाने के लिए चुनाव आयोग (ECI) ने स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) के दूसरे चरण की घोषणा कर दी है। बिहार में सफलतापूर्वक पहले चरण के पूरा होने के बाद अब यह प्रक्रिया 12 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में शुरू की जाएगी। इनमें अंडमान-निकोबार द्वीपसमूह, छत्तीसगढ़, गोवा, गुजरात, केरल, लक्षद्वीप, मध्य प्रदेश, पुड्डुचेरी, राजस्थान, तमिलनाडु, उत्तर प्रदेश और पश्चिम बंगाल शामिल हैं। इस चरण में मतदाता सूची को अपडेट करने, नए पात्र मतदाताओं को शामिल करने और डुप्लीकेट या गलत नामों को हटाने पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।
चुनाव आयोग ने स्पष्ट किया है कि SIR के दौरान मतदाताओं को अपनी पहचान और नागरिकता से जुड़े कुछ आवश्यक दस्तावेज़ बूथ लेवल ऑफिसर (BLO) को प्रस्तुत करने होंगे। जिनके पास वैध दस्तावेज नहीं होंगे, उन्हें मतदाता सूची में नाम दर्ज कराने में कठिनाई आ सकती है। जरूरी दस्तावेजों की सूची इस प्रकार है- केंद्र या राज्य सरकार द्वारा जारी पेंशन पेमेंट ऑर्डर, सरकारी विभाग, स्थानीय निकाय, बैंक, पोस्ट ऑफिस या LIC द्वारा जारी प्रमाणपत्र, जन्म प्रमाण पत्र, पासपोर्ट, शैक्षणिक प्रमाण पत्र, स्थायी निवास प्रमाण पत्र, फॉरेस्ट राइट सर्टिफिकेट, जाति प्रमाण पत्र, राष्ट्रीय नागरिक रजिस्टर (NRC) से संबंधित दस्तावेज़, राज्य या स्थानीय निकाय द्वारा तैयार फैमिली रजिस्टर, जमीन या मकान आवंटन प्रमाणपत्र। चुनाव आयोग का कहना है कि इन दस्तावेजों से मतदाता की पहचान और पात्रता का सत्यापन सुनिश्चित किया जाएगा।
SIR यानी Special Intensive Revision का मुख्य उद्देश्य है मतदाता सूची को अधिक पारदर्शी, विश्वसनीय और अद्यतन बनाना। इस प्रक्रिया के ज़रिए उन लोगों को शामिल किया जाएगा जो हाल ही में 18 वर्ष के हुए हैं, और उन नामों को हटाया जाएगा जो या तो पात्र नहीं हैं या दोहराए गए हैं। इसके तहत BLO अधिकारियों द्वारा घर-घर जाकर सत्यापन किया जाएगा ताकि एक भी पात्र नागरिक मतदान के अधिकार से वंचित न रहे।