रायपुर (03 दिसंबर 25)। नवा रायपुर में राज्य की सबसे अत्याधुनिक इंटीग्रेटेड खाद्य एवं औषधि परीक्षण प्रयोगशाला के निर्माण का रास्ता साफ हो गया है। राज्य सरकार ने इस परियोजना के लिए 46 करोड़ 49 लाख 45 हजार रुपये की प्रशासकीय स्वीकृति जारी कर दी है। यह मुख्य बजट 2025–26 की एक महत्वपूर्ण घोषणा का क्रियान्वयन है।
सरकार द्वारा उपलब्ध कराई गई 1.5 एकड़ भूमि पर प्रस्तावित यह लैब और एफडीए भवन आधुनिक सुविधाओं से लैस होगा। वर्तमान में रायपुर की पुरानी लैब मात्र 5,000 वर्गफीट में संचालित है, जबकि नई लैब 30,000 वर्गफीट में चार मंज़िलों पर बनाई जाएगी। लैब में अत्याधुनिक ड्रग एवं एनफोर्समेंट उपकरण, रासायनिक परीक्षण क्षमता 500–800 से बढ़कर 7,000–8,000 नमूने प्रतिवर्ष, माइक्रोबायोलॉजिकल परीक्षण: 2,000 नमूने प्रतिवर्ष, मेडिकल डिवाइसेस (दस्ताने, कैथेटर आदि) का परीक्षण पहली बार: 500 नमूने प्रतिवर्ष और फार्मास्यूटिकल्स सैंपल टेस्टिंग 50 से बढ़कर 1,000 प्रतिवर्ष होंगे। स्वास्थ्य मंत्री श्यामबिहारी जायसवाल ने स्वीकृति के लिए मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह लैब राज्य की खाद्य सुरक्षा प्रणाली को मजबूत करेगी। उन्होंने कहा कि ‘नई लैब से जांच प्रक्रिया और अधिक पारदर्शी, सरल और प्रभावी होगी। सरकार जनता को शुद्ध एवं गुणवत्तापूर्ण खाद्य पदार्थ और दवाइयाँ उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है।’नवा रायपुर में बनने वाली यह हाई-टेक लैब भविष्य में राज्य की मॉडल प्रयोगशाला के रूप में विकसित होगी और खाद्य एवं औषधि गुणवत्ता नियंत्रण में बड़ा बदलाव लाएगी।