Thursday, 01 Oct 2026

छत्तीसगढ़ बनेगा देश की ऊर्जा राजधानी

रायपुर (19 फरवरी 26)। ऊर्जा विभाग के सचिव डॉ. रोहित यादव ने आज नया रायपुर स्थित छत्तीसगढ संवाद के ऑडिटोरियम में पत्रकारों के साथ ऊर्जा विभाग की उपलब्धियों और आगामी योजनाओं पर विस्तार से अपने विचार साझा किए। उन्होंने बताया कि प्रदेश में ऊर्जा उत्पादन, पारेषण और वितरण के क्षेत्र में उल्लेखनीय प्रगति हुई है तथा आने वाले वर्षों के लिए एक व्यापक कार्ययोजना पर तेजी से काम किया जा रहा है।

डॉ. यादव ने जानकारी दी कि वर्तमान में छत्तीसगढ़ स्टेट पॉवर जनरेशन कंपनी, एनटीपीसी तथा निजी उत्पादकों को मिलाकर प्रदेश की कुल स्थापित विद्युत क्षमता 30 हजार 671.7 मेगावाट है। इसमें 28 हजार 824 मेगावाट ताप विद्युत, 220 मेगावाट जल विद्युत तथा सोलर, बायोमास आदि स्रोतों से 2,047 मेगावाट क्षमता शामिल है। ताप विद्युत क्षेत्र में छत्तीसगढ़ स्टेट पॉवर जनरेशन कंपनी की 2,840 मेगावाट, एनटीपीसी व निजी स्वामित्व के बिजलीघरों की 20 हजार 299 मेगावाट तथा कैप्टिव पॉवर प्लांट्स की 5 हजार 266 मेगावाट क्षमता है। डॉ. यादव ने कहा कि भारत सरकार का फोकस ताप विद्युत पर निर्भरता कम कर कार्बन उत्सर्जन घटाने पर है। नेट जीरो कार्बन लक्ष्य के तहत वर्ष 2030 तक 500 गीगावॉट अक्षय ऊर्जा क्षमता विकसित करने का लक्ष्य रखा गया है, जिससे देश की 50 प्रतिशत ऊर्जा आवश्यकता नवीकरणीय स्रोतों से पूरी की जा सके। इस दिशा में जल विद्युत एवं पंप स्टोरेज परियोजनाओं की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है, जो ग्रिड संतुलन बनाए रखने में सहायक होंगी।

राज्य शासन द्वारा पंप स्टोरेज आधारित जल विद्युत परियोजनाओं को बढ़ावा देने के लिए नीति 2023 लागू की गई है। इसके तहत छत्तीसगढ़ स्टेट पॉवर जनरेशन कंपनी द्वारा 8,300 मेगावाट क्षमता के छह स्थलों का चिन्हांकन किया गया है, जिनमें से पांच के फिजिबिलिटी रिपोर्ट तैयार हो चुकी है और डीपीआर निर्माणाधीन है। निजी क्षेत्र में भी लगभग 5,000 मेगावाट क्षमता की परियोजनाओं पर कार्य जारी है।

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