गरियाबंद (21 जनवरी 25)। छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने मंगलवार को राज्य में माओवादी गतिविधियों के खिलाफ कड़े कदम उठाने की अपनी सरकार की नीति की पुष्टि की और इसे समाज के लिए 'कैंसर' बताया। उन्होंने यह बयान हाल ही में गरियाबंद जिले में सुरक्षा बलों और माओवादियों के बीच हुई मुठभेड़ पर दिया, जिसमें 20 नक्सलियों के शव बरामद किए गए थे। उन्होंने यह भी कहा कि सुरक्षा बलों ने इस मुठभेड़ में शानदार काम किया और नक्सलियों के खिलाफ अपनी कार्रवाई जारी रखेंगे।
उन्होंने बताया, 'गरियाबंद जिले के मैनपुर थाना अंतर्गत कुल्हाड़ी घाट के पास हमारे सुरक्षा बलों की माओवादियों से मुठभेड़ हुई। अब तक एक दर्जन से अधिक माओवादी मारे जा चुके हैं। एक सप्ताह के भीतर नक्सलियों के साथ दो बड़ी मुठभेड़ हो चुकी हैं।' साय ने कहा, 'हमारे जवानों ने बड़ी सफलता हासिल की है और हमारी सरकार नक्सलवाद को खत्म करने के लिए काम कर रही है। माओवाद एक कैंसर की तरह है और हम इसे पूरी तरह से नष्ट करने में सफल होंगे। हम प्रधानमंत्री और गृह मंत्री के संकल्प को पूरा करेंगे।' इससे पहले रायपुर जोन के पुलिस महानिरीक्षक अमरेश मिश्रा ने बताया कि ओडिशा-छत्तीसगढ़ सीमा के पास छत्तीसगढ़ के गरियाबंद जिले में सुरक्षा बलों के साथ मुठभेड़ के दौरान 20 नक्सलियों के शव बरामद किए गए। आईजी मिश्रा के एक बयान के अनुसार, सुरक्षा बलों ने बड़ी मात्रा में हथियार और गोला-बारूद भी बरामद किया, जिसमें एके-47, एसएलआर, इंसास और अन्य स्वचालित हथियार शामिल हैं। उन्होंने ऑपरेशन में शामिल सुरक्षाकर्मियों के साहस की भी सराहना की और कहा कि नक्सलवाद अपनी अंतिम सांसें गिन रहा है और 31 मार्च 2026 तक यह पूरी तरह समाप्त हो जाएगा। उन्होंने कहा, 'मैं हमारे सुरक्षा बल के जवानों के साहस को सलाम करता हूं और उनकी प्रशंसा करता हूं... नक्सलवाद अपनी अंतिम सांसें गिन रहा है और हम इसे 31 मार्च 2026 तक समाप्त कर देंगे।'