नईदिल्ली (05 अक्टूबर 26)। कांग्रेस नेता और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से जवाब मांगा। यह मांग एक महिला पत्रकार के उस आरोप के बाद सामने आई है, जिसमें उसने जंतर-मंतर पर प्रदर्शन के दौरान दिल्ली पुलिस के एक अधिकारी पर यौन दुर्व्यवहार और गलत तरीके से छूने का आरोप लगाया है। जंतर-मंतर पर विपक्षी दलों और अन्य संगठनों की ओर से मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर प्रदर्शन किया जा रहा था। विपक्ष ने एसआईआर प्रक्रिया में अनियमितताओं और बीजेपी को फायदा पहुंचाने के लिए वोट हटाने के आरोप लगाए हैं।
राहुल गांधी ने हिंदी में सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए कहा कि दिल्ली पुलिस केंद्रीय गृह मंत्रालय के अधीन आती है, इसलिए अमित शाह को इस मामले पर जवाब देना चाहिए। उन्होंने कहा कि एक महिला पत्रकार ने जंतर-मंतर पर एक पुलिस अधिकारी पर बदसलूकी का आरोप लगाया है। राहुल गांधी के मुताबिक, सैकड़ों पत्रकार कई घंटों से एफआईआर दर्ज करने की मांग को लेकर प्रदर्शन कर रहे हैं। उन्होंने सवाल उठाया कि एफआईआर दर्ज करना पुलिस की बुनियादी जिम्मेदारी है, फिर भी शिकायत दर्ज क्यों नहीं की गई।
राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि शनिवार को जंतर-मंतर पर सैकड़ों लोगों को हिरासत में लिया गया। उन्होंने महिलाओं के साथ बदसलूकी, कैमरे छीने जाने और पत्रकारों को खींचे जाने का भी दावा किया। उन्होंने कहा कि दिल्ली में महिलाएं और छात्र अपनी सुरक्षा को लेकर चिंतित हैं और विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं, लेकिन उनकी सुरक्षा की जिम्मेदारी संभालने वाली पुलिस पर ही उनके खिलाफ कार्रवाई करने के आरोप लग रहे हैं। राहुल गांधी ने कहा कि दिल्ली पुलिस गृह मंत्रालय के अधीन है और अमित शाह को इस मामले पर जवाब देना चाहिए। सीजेपी के प्रवक्ता सौरव दास ने भी एक महिला पत्रकार के साथ कथित बदसलूकी का आरोप लगाया। उन्होंने आरोप लगाया कि ACP विवेक भगत ने महिला पत्रकार के साथ अनुचित व्यवहार किया और उसे गलत तरीके से छुआ। सीजेपी के संस्थापक अभिजीत दिपके ने दावा किया कि महिला पत्रकार ने शिकायत दर्ज कराने की कोशिश की, लेकिन उसकी शिकायत दर्ज नहीं की गई। उन्होंने मामले में एफआईआर दर्ज करने और संबंधित पुलिस अधिकारी को निलंबित करने की मांग की। इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि इस खबर में उपलब्ध जानकारी के आधार पर नहीं हुई है। वामपंथी छात्र संगठन ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन ने भी पुलिस पर महिला प्रदर्शनकारियों, पत्रकारों और वकीलों के साथ कथित बदसलूकी का आरोप लगाया। AISA ने दावा किया कि कई महिलाओं ने पुरुष पुलिसकर्मियों द्वारा गलत तरीके से छूने की शिकायत की है। संगठन ने पुलिस पर महिलाओं के साथ कथित तौर पर अभद्र व्यवहार करने और भीड़ को नियंत्रित करने के दौरान जरूरी नियमों का पालन नहीं करने का आरोप लगाया।