भोपाल (09 जनवरी 25)। राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने कहा है कि जनजातीय कल्याण कार्यक्रम क्रियान्वयन में अन्त्योदय का लक्ष्य रहें। जनजातीय समुदाय की सबसे पिछड़ी जनजाति, उसमें सबसे पिछड़े परिवार को हितलाभ देने में प्राथमिकता दी जाए। राज्यपाल पटेल ने गुरुवार को पशुपालन, उच्च शिक्षा, वन और जनजातीय कार्य विभाग की क्रमिक रुप से राजभवन में समीक्षा की। बैठक में जनजातीय प्रकोष्ठ के अध्यक्ष दीपक खांडेकर, राज्यपाल के अपर मुख्य सचिव केसी गुप्ता भी मौजूद थे।
राज्यपाल पटेल ने जनजातीय कार्य विभाग की समीक्षा में कहा कि प्रधानमंत्री की पहल जनमन कार्यक्रम जनजातीय समुदायों को बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराने का अभूतपूर्व प्रयास है। जनजातीय परिवार को विकास की मुख्यधारा में जोड़ने का दुर्लभ अवसर है। आवश्यकता संवेदनशीलता के साथ लक्ष्य बनाकर समर्पित भाव से कार्य करने की है। उन्होंने कहा कि जनमन के तहत बनी कार्य-योजना के कार्य समय पर पूरे हों और उनकी गुणवत्ता उत्कृष्ट हो। उन्होंने सिकल सेल के संबंध में चर्चा के दौरान कन्या छात्रावास के रक्त परीक्षण में 78 प्रतिशत लड़कियों में रक्त अल्पता मिलने की जानकारी देते हुए, छात्रावासों में पौष्टिक भोजन के अनुसार मेन्यू तैयार करने की जरूरत बताई। उन्होंने जनमन के तहत संचालित मोबाइल मेडिकल वैन में सिकल सेल जांच और सिकल सेल औषधियों के वितरण की व्यवस्था किए जाने के लिए कहा है। जनजातीय विकासखण्डों के सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र के परिसर में जन औषधि केन्द्र खोलने और केन्द्र संचालन की पात्रता पूरी करने वाले जनजातीय युवाओं को नियुक्त करने के लिए कहा है। जनजातीय कार्य मंत्री डॉ. कुंवर विजय शाह ने जनजातीय छात्रावासों के रहवासियों को हेल्थ कार्ड उपलब्ध कराने की बात कही है। बैठक में प्रमुख सचिव जनजातीय कार्य गुलशन बामरा उपस्थित थे।