Thursday, 01 Oct 2026

जनसेवा की भावना ही उत्कृष्ट पुलिस नेतृत्व की पहचान

भोपाल (29 जुलाई 26)। पुलिस मुख्यालय भोपाल में आज पुलिस महानिदेशक कैलाश मकवाणा से सरदार वल्लभभाई पटेल राष्ट्रीय पुलिस अकादमी, हैदराबाद से मध्यप्रदेश भ्रमण पर आए 21 प्रशिक्षु आईपीएस अधिकारियों ने सौजन्य भेंट की। भारत दर्शन के अंतर्गत मध्यप्रदेश पहुंचे इस दल में भारतीय पुलिस सेवा के 19 प्रशिक्षु अधिकारियों के साथ दो विदेशी पुलिस अधिकारी भी शामिल हैं। दल में उत्तरप्रदेश, बिहार, नागालैंड, केरल, पश्चिम बंगाल, मेघालय, महाराष्ट्र, राजस्थान एवं तमिलनाडु सहित विभिन्न राज्यों के प्रशिक्षु आईपीएस अधिकारी तथा मॉरीशस एवं नेपाल के पुलिस अधिकारी सम्मिलित हैं। पुलिस महानिदेशक मकवाणा ने सभी प्रशिक्षु अधिकारियों का मध्यप्रदेश में स्वागत करते हुए कहा कि पुलिस सेवा केवल एक दायित्व नहीं, बल्कि समाज के प्रति आजीवन उत्तरदायित्व है। यदि अधिकारी ईमानदारी और समर्पण के साथ कार्य करेंगे तो उन्हें अपने सेवाकाल में सबसे अधिक संतुष्टि जनता के जीवन में सकारात्मक परिवर्तन लाने से मिलेगी।

डीजीपी मकवाणा ने अपने सेवाकाल के अनुभव साझा करते हुए कहा कि प्रत्येक पदस्थापना सीखने का अवसर होती है। कठिन परिस्थितियों में भी यदि अधिकारी अपने शत-प्रतिशत प्रयास, निष्पक्षता और संवेदनशीलता के साथ कार्य करें तो वे समाज में स्थायी सकारात्मक परिवर्तन ला सकते हैं। विशेष पुलिस महानिदेशक रवि कुमार गुप्ता ने प्रशिक्षु अधिकारियों का स्वागत करते हुए मध्यप्रदेश पुलिस की समृद्ध परंपराओं, पेशेवर कार्यशैली एवं प्रशिक्षण व्यवस्था का विस्तृत परिचय दिया। प्रशिक्षु आईपीएस अधिकारियों ने भी अपने-अपने अनुभव साझा किए। कार्यक्रम के दौरान प्रशिक्षु अधिकारियों ने पुलिसिंग, नेतृत्व, तकनीक आधारित अपराध नियंत्रण, सामुदायिक पुलिसिंग एवं सेवा संबंधी विभिन्न विषयों पर अपनी जिज्ञासाएं व्यक्त कीं, जिनका विस्तारपूर्वक समाधान किया गया। उप पुलिस महानिरीक्षक प्रशिक्षण मनीष अग्रवाल, उप निदेशक पुलिस अकादमी भौंरी रामजी श्रीवास्‍तव, एसओ टू डीजीपी मलय जैन, सहायक पुलिस महानिरीक्षक निमिषा पाण्‍डेय, अंशुमान अग्रवाल सहित अन्‍य अधिकारी उपस्थित थे।

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