ढाका (24 अप्रैल 25)। जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए एक भीषण आतंकी हमले में अब तक 28 निर्दोष लोगों की जान चली गई। इस हमले ने न सिर्फ देश को हिला दिया है, बल्कि इंसानियत को भी शर्मसार कर दिया है। हमले की सबसे भयानक बात यह रही कि आतंकियों ने धर्म के आधार पर हत्या की । इस जघन्य कृत्य को लेकर हर तरफ गुस्सा है।
तस्लीमा नसरीन का कड़ा हमला-'जब तक इस्लाम रहेगा, तब तक इंसानियत नहीं बचेगी' बांग्लादेश की निर्वासित लेखिका और नारी अधिकार कार्यकर्ता तस्लीमा नसरीन ने इस हमले के बाद एक बेहद विवादास्पद बयान दिया। उन्होंने लिखा कि जब तक इस्लाम जीवित रहेगा, आतंकवाद जीवित रहेगा। जब तक इस्लाम जीवित रहेगा, गैर-मुसलमान सुरक्षित नहीं होंगे, महिलाएं सुरक्षित नहीं होंगी, तर्कशील और स्वतंत्र विचारक सुरक्षित नहीं होंगे।' उन्होंने यह भी कहा कि 'इस्लाम की कोख से नफरत पैदा होती रहेगी। जब तक इस्लाम रहेगा, फूल मुरझाते रहेंगे, बच्चे मरते रहेंगे, और कोई भी राज्य सभ्य नहीं बन पाएगा।' उनके इस बयान पर सोशल मीडिया पर तीखी बहस चल रही है-कुछ लोग इसे सच की आवाज़ मान रहे हैं, जबकि कुछ धार्मिक भेदभाव और नफरत फैलाने वाला बयान बता रहे हैं।