रायबरेली (20 मई 26)। लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने मंगलवार को भाजपा के नेतृत्व वाली सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि जब तक मौजूदा सरकार नहीं बदलती, महंगाई बढ़ती रहेगी। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी पर कटाक्ष करते हुए कहा कि वह कभी नॉर्वे का दौरा करते हैं, कभी जापान का, जबकि लोगों से विदेश यात्राओं से बचने का आग्रह करते हैं। उन्होंने यह भी कहा कि जब तक मौजूदा सरकार नहीं बदलती, महंगाई बढ़ती रहेगी। राहुल गांधी रायबरेली जिले के बछरावां में एक 'बारात घर' के उद्घाटन के बाद आयोजित एक कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे।
पश्चिम एशियाई संकट का जिक्र करते हुए राहुल गांधी ने कहा, 'ईरान और अमेरिका के बीच युद्ध छिड़ गया। इस संघर्ष के दौरान, ईरान ने होर्मुज जलडमरूमध्य पर कब्जा कर लिया- जो एक रणनीतिक स्थान है। वहां से दुनिया के तेल का एक बड़ा हिस्सा गुजरता है। ईरान ने घोषणा की कि वह होर्मुज जलडमरूमध्य पर अपनी पकड़ नहीं छोड़ेगा। परिणामस्वरूप, पूरी दुनिया अब तेजी से तेल, उर्वरक और डीजल की गंभीर कमी का सामना करने लगी है।' राहुल ने कहा कि नरेन्द्र मोदी देश से सोना न खरीदने, इलेक्ट्रिक वाहनों का इस्तेमाल करने और विदेश यात्रा से बचने का आग्रह करते हैं, लेकिन इसके तुरंत बाद ही वह विदेश यात्रा पर निकल जाते हैं। उन्होंने कहा, 'दुख की बात यह है कि एक भयंकर आर्थिक तूफान आ रहा है, जिसे कोई नहीं रोक सकता, ऐसा तूफान हमने अपने जीवन में कभी नहीं देखा।' दर्शकों से सवाल करते हुए उन्होंने पूछा कि नुकसान किसका होगा? और उन्होंने जवाब दिया, 'न तो अंबानी का होगा और न ही अदाणी का। वे अपने महलों में बैठे रहेंगे, जिनकी चारों तरफ से सुरक्षा है। नुकसान भारत के किसानों, मजदूरों, युवाओं, छोटे व्यापारियों और रोजगार पैदा करने वाले छोटे उद्योगों का होगा।'
राहुल ने कहा कि नरेन्द्र मोदी देश से सोना न खरीदने, इलेक्ट्रिक वाहनों का इस्तेमाल करने और विदेश यात्रा से बचने का आग्रह करते हैं, लेकिन इसके तुरंत बाद ही वह विदेश यात्रा पर निकल जाते हैं। उन्होंने कहा, 'दुख की बात यह है कि एक भयंकर आर्थिक तूफान आ रहा है, जिसे कोई नहीं रोक सकता, ऐसा तूफान हमने अपने जीवन में कभी नहीं देखा।' दर्शकों से सवाल करते हुए उन्होंने पूछा कि नुकसान किसका होगा? और उन्होंने जवाब दिया, 'न तो अंबानी का होगा और न ही अदाणी का। वे अपने महलों में बैठे रहेंगे, जिनकी चारों तरफ से सुरक्षा है। नुकसान भारत के किसानों, मजदूरों, युवाओं, छोटे व्यापारियों और रोजगार पैदा करने वाले छोटे उद्योगों का होगा।'