श्रीनगर (21 जून 24)। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने हाल के दिनों में जम्मू एवं कश्मीर में हुई आतंकवादी घटनाओं का उल्लेख करते हुए देश को आश्वस्त किया कि दुश्मनों को सबक सिखाने में वह कोई कोर कसर बाकी नहीं छोड़ेंगे। लोकसभा चुनाव के बाद पहली बार इस पूर्ववर्ती प्रदेश के दो दिवसीय दौरे पर पहुंचे प्रधानमंत्री ने यह भी कहा कि अमन और इंसानियत के दुश्मनों को जम्मू एवं कश्मीर की तरक्की पसंद नहीं है और आज वो यहां का विकास रोकने के लिए ‘आखिरी कोशिश' कर रहे हैं। यहां शेर-ए-कश्मीर अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन केंद्र में आयोजित कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मोदी ने कहा कि लोकसभा चुनाव के बाद अब जम्मू एवं कश्मीर में विधानसभा चुनाव की तैयारियां शुरु हो गई हैं। अपने संबोधन में पीएम मोदी ने कहा, हम जल्द ही राज्य का दर्जा देंगे।
लोकसभा चुनाव में हुए भारी मतदान का उल्लेख करते हुए उनहोंने यह भी कहा कि केंद्र शासित प्रदेश में आज सही मायने में भारत का संविधान लागू हुआ है क्योंकि सबको बांटने वाली अनुच्छेद 370 की दीवार अब गिर चुकी है। उन्होंने कहा, 'अमन और इंसानियत के दुश्मनों को जम्मू-कश्मीर की तरक्की पसंद नहीं है। आज वो आखिरी कोशिश कर रहे हैं कि जम्मू-कश्मीर का विकास रूक सके।' उन्होंने कहा, ‘हाल ही में जो आतंकी वारदातें हुईं हैं, उन्हें सरकार ने बहुत गंभीरता से लिया है। मैं आपको आश्वस्त करता हूं कि जम्मू-कश्मीर के दुश्मनों को सबक सिखाने में कोई कोर कसर बाकी नहीं छोड़ेंगे।' दो दिवसीय दौरे पर यहां पहुंचे मोदी शुक्रवार को अंतरराष्ट्रीय योग दिवस कार्यक्रम में शामिल होंगे। कार्यक्रम के दौरान प्रधानमंत्री ने 1,500 करोड़ रुपये की 84 विकास परियोजनाओं का शिलान्यास और उद्घाटन किया। प्रधानमंत्री ने 1,800 करोड़ रुपये की लागत वाली कृषि और सम्बद्ध क्षेत्रों में प्रतिस्पर्धात्मकता सुधार (जेकेसीआईपी) परियोजना की भी शुरुआत की। प्रधानमंत्री मोदी ने जम्मू-कश्मीर में सरकारी नौकरियों के लिए 2000 से अधिक लोगों को नियुक्ति पत्र वितरित किए।