नईदिल्ली (04 अगस्त 25)। आम लोगों को राहत देते हुए केंद्र सरकार ने 35 आवश्यक दवाओं की कीमतों में कटौती की है। केमिकल्स और फर्टिलाइजर्स मंत्रालय ने रविवार को इसकी जानकारी दी। यह फैसला नेशनल फार्मास्युटिकल प्राइसिंग अथॉरिटी ने लिया है, जिसका मकसद दवाओं को ज्यादा सस्ता और सुलभ बनाना है।
इन दवाओं में दिल, डायबिटीज, सूजन, संक्रमण और मानसिक बीमारियों के इलाज में काम आने वाली प्रमुख दवाएं शामिल हैं। घटाई गई कीमतों में जिन दवाओं को शामिल किया गया है, उनमें एसिक्लोफेनाक-पैरासिटामोल-ट्रिप्सिन काइमोट्रिप्सिन, एमोक्सिसिलिन-पोटैशियम क्लैवुलेनेट, एटोरवास्टेटिन-क्लोपिडोग्रेल और नई डायबिटीज की दवाएं जैसे एम्पाग्लिफ्लोज़िन, सिटाग्लिप्टिन और मेटफॉर्मिन जैसी कॉम्बिनेशन दवाएं शामिल हैं। नई कीमतें अब 13 रुपए से लेकर 31.77 रुपए के बीच होंगी। उदाहरण के तौर पर, एटोरवास्टेटिन 40 मिलीग्राम और क्लोपिडोग्रेल 75 मिलीग्राम की संयुक्त दवा अब 25.61 रुपए में मिलेगी। बच्चों की दवाएं और विटामिन-डी की ड्रॉप्स जैसे कोलेकैल्सीफेरोल ड्रॉप्स भी इस सूची में शामिल हैं। सरकार ने खुदरा विक्रेताओं को निर्देश दिया है कि वे नई कीमतों की सूची दुकानों में साफ-साफ जगह पर लगाएं। अगर कोई दुकानदार इन नियमों का उल्लंघन करता है तो उसके खिलाफ ड्रग प्राइस कंट्रोल ऑर्डर, 2013 और आवश्यक वस्तु अधिनियम, 1955 के तहत सख्त कार्रवाई की जा सकती है। ये कीमतें जीएसटी के बिना हैं और सभी दवा निर्माता कंपनियों को अपने अपडेट्स एनपीपीए और राज्य के दवा नियंत्रकों को रिपोर्ट करने होंगे। नेशनल फार्मास्युटिकल प्राइसिंग अथॉरिटी देश में ज़रूरी दवाओं की कीमतों पर नियंत्रण रखने वाली संस्था है, जो यह सुनिश्चित करती है कि मरीजों को दवाएं सस्ती और आसानी से उपलब्ध हों।