Wednesday, 30 Sep 2026

जलवायु जंग में भारत ग्लोबल इनोवेशन हब: हिलेरी क्लिंटन

मुंबई (19 फरवरी 26)। अमेरिका की पूर्व विदेश मंत्री हिलेरी क्लिंटन ने मुंबई में आयोजित Mumbai Climate Week के उद्घाटन सत्र में भारत की जमकर तारीफ करते हुए उसे जलवायु परिवर्तन से निपटने में वैश्विक नवाचार का केंद्र बताया। फायरसाइड चैट में क्लिंटन ने साफ शब्दों में कहा कि अमेरिका या दुनिया में राजनीतिक बदलाव का इंतजार किए बिना अभी समाधान तैयार करने होंगे। उन्होंने कहा, 'हम अमेरिका में राजनीतिक बदलाव का इंतजार नहीं कर सकते। इसमें वक्त लगेगा। हमें यहीं मॉडल बनाने होंगे, यहीं इनोवेशन करना होगा।'

 क्लिंटन ने जमीनी स्तर के नवाचारों की मिसाल देते हुए एक ऐसे बीमा मॉडल का जिक्र किया, जिससे अब तक 5 लाख महिलाएं जुड़ चुकी हैं। जिनके पास पहले कभी कोई बीमा नहीं था।उन्होंने कहा कि यह सिर्फ सामाजिक काम नहीं, बल्कि स्मार्ट इकोनॉमिक मॉडल भी है, जो नए बाजार खोलता है। उन्होंने जोर देकर कहा कि जलवायु संकट से निपटने के लिए सरकार, निजी कंपनियों और परोपकारी संस्थाओं को मिलकर काम करना होगा। इसी संदर्भ में उन्होंने Clinton Global Initiative की भूमिका बताते हुए कहा कि यह मंच ऐसे भागीदारों को जोड़ता है जो कठिन लेकिन असरदार काम करना चाहते हैं। क्लिंटन ने जलवायु परिवर्तन को आर्थिक न्याय और स्वास्थ्य से जोड़ते हुए कहा कि जीवाश्म ईंधन से निकलने वाला प्रदूषण दिल्ली और बीजिंग जैसे शहरों में बच्चों की सेहत पर सीधा असर डाल रहा है। उनके शब्दों में, 'जब मैं जलवायु की बात करती हूं, तो मैं स्वास्थ्य की भी बात करती हूं।' उन्होंने कहा कि दुनिया में सबसे बड़े पीढ़ीगत धन हस्तांतरण के दौर में परोपकार को सिर्फ राहत तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि उन संरचनात्मक असमानताओं को तोड़ना होगा जो जलवायु संकट को जन्म देती हैं। क्लिंटन ने विश्वास जताया कि मुंबई क्लाइमेट वीक जैसे मंच भारत को जलवायु समाधान का वैश्विक प्रयोगशाला बनाएंगे और यहीं से दुनिया को दिशा मिलेगी।

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