राजगढ़ (30 जून 26)। जल से ही जीवन है। जल तत्व में सभी तत्व समाहित हैं। हम जब जल संरचनाओं को देखते हैं तो हमारा मन आनंद से भर जाता है। जल से स्नान के बाद हमें ताज़गी मिलती है। हमारे पूर्वजों ने जल के महत्व को समझा और निरंतर जल संरचनाओं का निर्माण किया। आज हमारा दायित्व है कि हम उन सब का संरक्षण करें एवं उन्हें सहेजें। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में पूरे प्रदेश में जल संरक्षण और संवर्धन का अभियान चलाया जा रहा है। मध्यप्रदेश में भी गत 3 वर्षों से यह अभियान वृहद रूप से जन सहयोग से चलाया जा रहा है और बड़ी संख्या में जल संरचनाओं का संरक्षण एवं पुनरुद्धार किया गया है। आज यहां जल गंगा संवर्धन अभियान का समापन कार्यक्रम है, परंतु मुख्यमंत्री ने कहा कि इस साल अलनीनो के प्रभाव से कम वर्षा का अनुमान है, इसलिये प्रदेश में अमृत सरोवर रैन वॉटर हार्वेस्टिंग, नदी संरक्षण जैसे जल स्रोतों के संरक्षण कार्य निरंतर जारी रहेंगे। गत 19 मार्च से लगभग 100 दिन प्रदेश में चले जल गंगा संवर्धन अभियान अंतर्गत प्रदेश में जल संवर्धन के 10 हज़ार 514 करोड़ की लागत से 3 लाख 63 हज़ार कार्य कराए गए। इन कार्यों में भरपूर जन समर्थन एवं जन सहयोग मिला है।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव मंगलवार को राजगढ़ जिले के भैंसवा माता क्षेत्र में प्रदेश में चले जल गंगा संवर्धन अभियान के तीसरे चरण के समापन कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने 252 करोड़ 65 लाख रुपए के 31 विकास कार्यों का भूमि-पूजन और लोकार्पण किया। उन्होंने भैंसवा माता क्षेत्र के विकास के लिए 20 करोड़ रुपए प्रदान करने की घोषणा भी की। कार्यक्रम का शुभारंभ कन्या-पूजन एवं दीप प्रज्ज्वलित करने के साथ हुआ। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि हमारी सनातन संस्कृति में पंच तत्वों, विशेष रूप से जल का विशेष महत्व है। हमारे यहां हर पवित्र कार्य जल के साथ ही होता है। प्रसिद्ध कवि रहीम ने भी पानी की महत्ता बताई। जल गंगा संवर्धन अभियान के अंतर्गत राजगढ़ जिले में बहुत अच्छा कार्य हुआ है। इस कार्य के लिए भारत सरकार द्वारा मध्यप्रदेश में चिन्हित छह सर्वश्रेष्ठ जिलों में राजगढ़ जिले का भी नाम शामिल है। इसके लिए उन्होंने सभी संबंधितों को बधाई दी।