इंदौर (04 जनवरी 25)। भोपाल से लाए गए यूनियन कार्बाईड के जहरीले रासायनिक कचरे को लेकर पीथमपुर में शुक्रवार को दिन भर बवाल मचा रहा। सुबह से नगर बंद रहा वहीं कई संगठनों ने प्रदर्शन कर विरोध जताया। इस दौरान पुलिस को भीड़ को नियंत्रित करने के लिए लाठीचार्ज भी करना पड़ा। बावजूद इसके सैकड़ों लोग वहां जमा रहे। इसी बीच प्रदर्शन कर रहे दो युवकों ने खुद पर पेट्रोल डालकर आग लगा ली, उन्हें भीड़ ने आग बुझाकर अस्पताल पहुँचाया। लोगो का विरोध रात तक जारी रहा, इस दौरान रात्रि में भी भीड़ की पुलिस से झड़प हो गई और लाठीचार्ज से नाराज लोगों ने पुलिस पर पथराव कर दिया।
गौरतलब है कि करीब 40 साल पूर्व वर्ष 1984 में भोपाल स्थित यूनियन कार्बाईड कारखाने में जहरीली गैस रिसने से हजारों लोगों की मौत हो गई थी और लाखों लोग इससे प्रभावित हुए थे। इस गैस का असर आने वाली पीढ़ियों पर भी पड़ रहा है। उसी खतरनाक फैक्ट्री के जहरीले कचरे को पीथमपुर स्थित एक भस्मक कारखाने में नष्ट करने के लिए लाया गया है। राज्य सरकार ने इस कचरे को घातक नहीं होने का दावा किया है, लेकिन लोग इस पर विश्वास नहीं कर रहे हैं। उनका कहना है कि यदि कचरा घातक नहीं है तो उसे भोपाल से पीथमपुर तक इतनी सुरक्षा में क्यों लाया गया। यही नहीं लोगों का यह भी कहना है कि यदि कचरा घातक नहीं है तो उसे वहीँ क्यों नहीं नष्ट किया गया। उल्लेखनीय है कि इस कचरे को दर्जन भर कंटेनरों में लादकर भरी सुरक्षा के बीच ग्रीन कॉरिडोर बनाकर लाया गया है। कई चिकित्सा विशषज्ञों ने भी इस खतरनाक कचरे को लोगों की सेहत के लिए घातक बताया है। इसे लेकर अदालत में याचिका भी लगाईं गई है। कुछ संगठन इसके विरोध में शुक्रवार से सड़कों पर भी उतर आए हैं। ऐसे में प्रशासन ने लोगों से अफवाह पर ध्यान न देकर शांति बनाये रखने की अपील की है।