बेंगलुरु (23 मई 24)। जनता दल (सेकुलर) के संरक्षक एवं पूर्व प्रधानमंत्री एचडी देवेगौड़ा ने अपने पोते और पार्टी के निलंबित सांसद प्रज्वल रेवन्ना को बृहस्पतिवार को कड़ी ‘चेतावनी' जारी की और उससे देश लौट कर यौन उत्पीड़न के आरोपों की जांच का सामना करने को कहा। देवेगौड़ा ने यह भी कहा कि जांच में उनके या परिवार के अन्य सदस्यों की तरफ से कोई हस्तक्षेप नहीं होगा। प्रज्वल पर कई महिलाओं का यौन शोषण करने का आरोप है। वह अप्रैल के आखिरी हफ्ते में कथित रूप से जर्मनी चला गया था। देवेगौड़ा ने उससे कहा कि वह भारत लौटे और पुलिस के सामने आत्मसमर्पण करे।
जेडीएस ने दोहराया कि उनके पोते को 'दोषी पाए जाने पर' कानून के तहत कड़ी से कड़ी सजा दी जानी चाहिए। देवेगौड़ा (92) ने एक बयान में कहा, 'इस समय, मैं केवल एक ही काम कर सकता हूं कि मैं प्रज्वल को कड़ी चेतावनी दे सकता हूं और उससे कह सकता हूं कि वह जहां भी है वहां से भारत लौट आए और पुलिस के सामने आत्मसमर्पण कर दे, तथा कानूनी प्रक्रिया का सामना करे।' उन्होंने स्पष्ट किया, 'जो मैं कर रहा हूं अपील नहीं है, बल्कि यह एक चेतावनी है जो मैं जारी कर रहा हूं।' उन्होंने कहा, 'अगर उसने इस चेतावनी पर ध्यान नहीं दिया तो उसे मेरे और अपने परिवार के सभी सदस्यों के क्रोध का सामना करना पड़ेगा। कानून उसपर लगे आरोपों को देखेगा, लेकिन परिवार की बात न सुनने से उसका पूरी तरह से अलग-थलग होना तय हो जाएगा। अगर उसके मन में मेरे लिए कोई सम्मान बचा है तो उसे तुरंत लौटना होगा।'
पूर्व प्रधानमंत्री ने कहा, 'मैं यह भी स्पष्ट कर देना चाहता हूं कि मैं यह सुनिश्चित करूंगा कि उसके खिलाफ जांच में मेरे या मेरे परिवार के सदस्यों की ओर से कोई हस्तक्षेप नहीं किया जाए। मेरे मन में इस संबंध में कोई भी भावना नहीं है, केवल उन लोगों के लिए न्याय का मुद्दा है जो उसके कथित कृत्यों और करतूतों से पीड़ित हुए हैं।' देवेगौड़ा ने बताया कि उन्होंने 18 मई को प्रज्वल रेवन्ना के बारे में मीडिया से बात की थी।
बुजुर्ग नेता ने कहा, 'उसने (प्रज्वल) मुझे, मेरे पूरे परिवार, मेरे सहयोगियों, दोस्तों और पार्टी कार्यकर्ताओं को जो सदमा और दर्द दिया है, उससे उबरने में मुझे कुछ समय लगा। मैं पहले ही कह चुका हूं कि अगर वह दोषी पाया गया तो उसे कानून के तहत कड़ी से कड़ी सजा दी जानी चाहिए।' उन्होंने कहा कि वह लोगों को यह विश्वास भी नहीं दिला सकते हैं कि वह प्रज्वल की गतिविधियों से अनजान थे, या उसे बचाने की उनकी कोई इच्छा नहीं है, वह उसकी हरकतों और उसकी विदेश जाने के बारे में भी अवगत नहीं थे।