नईदिल्ली (07 मई 25)। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को एक बार फिर जातिगत जनगणना को लेकर पत्र लिखा है। 6 मई 2025 को लिखे इस पत्र में उन्होंने प्रधानमंत्री से तीन ठोस सुझाव भी साझा किए हैं। साथ ही यह भी कहा कि उन्होंने पहले भी 16 अप्रैल 2023 को इस मुद्दे पर पत्र भेजा था, लेकिन आज तक उसका कोई उत्तर नहीं मिला। इस नई चिट्ठी में उन्होंने सरकार द्वारा घोषित जातिगत जनगणना को लेकर अपनी चिंताएं और अपेक्षाएं साफ शब्दों में रखी हैं।
खरगे ने पत्र की शुरुआत इसी मुद्दे से की कि उन्होंने 16 अप्रैल 2023 को प्रधानमंत्री को पत्र लिखकर भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस की जाति जनगणना की मांग को औपचारिक रूप से रखा था, लेकिन उन्हें आज तक उसका कोई उत्तर नहीं दिया गया। उन्होंने अफसोस जताते हुए लिखा कि न केवल उनके पत्र का जवाब नहीं आया बल्कि बीजेपी नेताओं ने इस मुद्दे को उठाने पर कांग्रेस को निशाना भी बनाया। लेकिन अब जब खुद प्रधानमंत्री ने अगली जनगणना में जाति को शामिल करने की बात कही है, तो उन्हें यह मुद्दा फिर से उठाना ज़रूरी लगा। खरगे ने अपने पत्र में स्पष्ट किया कि जातिगत जनगणना का मकसद समाज को तोड़ना नहीं बल्कि पीछड़े, शोषित और हाशिए पर खड़े वर्गों को अधिकार दिलाना है। उन्होंने लिखा कि ऐसी कोई भी प्रक्रिया जो सामाजिक न्याय की दिशा में काम करे, उसे कभी भी विभाजनकारी नहीं कहा जाना चाहिए।