नईदिल्ली (07 नवंबर 24)। कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने बुधवार को जाति आधारित जनगणना की एक बार फिर वकालत करते हुए कहा कि देश में यह कवायद होकर रहेगी और इस प्रक्रिया से दलितों, अन्य पिछड़ा वर्गों और आदिवासियों के साथ हो रहे अन्याय का पता चलेगा। उन्होंने कहा कि जाति आधारित जनगणना का वास्तविक अर्थ न्याय है और उनकी पार्टी 50 प्रतिशत आरक्षण सीमा की ‘दीवार को भी तोड़ेगी'। महाराष्ट्र में 20 नवंबर को होने वाले विधानसभा चुनाव से पहले नागपुर में संविधान सम्मान सम्मेलन को संबोधित करते हुए लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) और सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) पर निशाना साधा और उन पर संविधान पर हमला करने और इस तरह ‘देश की आवाज' दबाने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा, ‘जाति आधारित जनगणना सामान्य श्रेणी के लोगों, दलितों, आदिवासियों, अल्पसंख्यकों, महिलाओं और अन्य को न्याय देगी।' राहुल गांधी ने कहा, ‘जाति जनगणना से सब कुछ स्पष्ट हो जाएगा। हर किसी को पता चल जाएगा कि उनके पास कितनी ताकत है और उनकी भूमिका क्या है।' गांधी ने कहा, ‘हम 50 प्रतिशत (आरक्षण सीमा) की दीवार भी तोड़ देंगे।' उन्होंने कहा कि डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर द्वारा तैयार किया गया संविधान सिर्फ एक किताब नहीं बल्कि जीवन जीने का एक तरीका है, उसी तरह जाति जनगणना विकास का प्रतिमान है। उन्होंने कहा, ‘इससे स्पष्टता आएगी और नया प्रतिमान बनेगा। इसलिए भाजपा और आरएसएस इस बारे में चर्चा कर रहे हैं कि उन्हें क्या रुख अपनाना चाहिए तथा जाति जनगणना पर क्या कहना चाहिए।' राहुल ने कहा, ‘मैं आपसे कहना चाहता हूं कि आप कुछ भी कर लें, जाति जनगणना होकर रहेगी। इस पर जो भी चर्चा करनी है कर लें या मीडिया में जो भी चल रहा है, भारत की जनता ने तय कर लिया है कि जाति जनगणना होकर रहेगी और 50 प्रतिशत की दीवार टूटेगी।'