नईदिल्ली (19 अप्रैल 26)। लोकसभा में महिला आरक्षण से जुड़ा संविधान संशोधन विधेयक गिरने के बाद कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने भाजपा सरकार की मंशा पर गंभीर सवाल उठाए हैं। थरूर ने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार ने जानबूझकर महिला आरक्षण को 'परिसीमन' के साथ जोड़ दिया, ताकि इस मुद्दे को पेचीदा बनाया जा सके।
संसद के बाहर पत्रकारों से बात करते हुए थरूर ने कहा, 'हमने महिला आरक्षण को परिसीमन से जोड़ने पर आपत्ति जताई थी। यह देश के भविष्य, भारत की एकता और हमारे लोकतंत्र के लिए एक बुनियादी मुद्दा है। इस पर महज दो दिन के सत्र में नहीं, बल्कि बहुत गंभीर चर्चा की जरूरत है।' उन्होंने स्पष्ट किया कि कांग्रेस महिला आरक्षण के खिलाफ नहीं है। थरूर ने कहा कि हमें महिला आरक्षण पास करना चाहिए था, लेकिन परिसीमन नहीं। सरकार ने इन दोनों को जानबूझकर एक साथ जोड़ दिया, जो गलत था। हम बिना किसी देरी के 33% महिला आरक्षण तुरंत लागू करने को तैयार हैं। अगर सरकार मानसून सत्र में बिना किसी शर्त के नया बिल लाती है, तो हम उसे पास करा देंगे। कांग्रेस सांसद कुमारी शैलजा ने भी सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा इस संवेदनशील मुद्दे पर देश में भ्रम फैला रही है और इसे चुनावी मुद्दा बनाने की कोशिश कर रही है।