बीजिंग (08 जून 26)। चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग सोमवार को दो दिवसीय दौरे पर उत्तर कोरिया पहुंच रहे हैं, जहां उनका स्वागत उत्तर कोरियाई नेता किम जोंग उन करेंगे। यह शी जिनपिंग का पिछले सात वर्षों में पहला उत्तर कोरिया दौरा है और इसे क्षेत्रीय राजनीति में एक महत्वपूर्ण घटनाक्रम माना जा रहा है। विश्लेषकों का मानना है कि आज किम जोंग उन 2019 की तुलना में कहीं अधिक मजबूत स्थिति में हैं। पिछले कुछ वर्षों में उत्तर कोरिया ने रूस के साथ अपने सैन्य और आर्थिक संबंधों को काफी मजबूत किया है। यूक्रेन युद्ध के दौरान रूस को समर्थन देने और बढ़ते सहयोग ने प्योंगयांग को नई आर्थिक एवं रणनीतिक ताकत दी है।इसके साथ ही उत्तर कोरिया लगातार अपने परमाणु और मिसाइल कार्यक्रम को आगे बढ़ाता रहा है।
शी जिनपिंग के आगमन से ठीक पहले उत्तर कोरिया ने 10,000 टन क्षमता वाले नए नौसैनिक विध्वंसक (डिस्ट्रॉयर) की योजना की घोषणा की। इसके अलावा प्योंगयांग ने एक बार फिर खुद को परमाणु हथियार संपन्न राष्ट्र बताया, जिसे कई विशेषज्ञ चीन और अमेरिका दोनों के लिए एक राजनीतिक संदेश के रूप में देख रहे हैं।विशेषज्ञों के अनुसार चीन उत्तर कोरिया को दोबारा अपने प्रभाव क्षेत्र में मजबूती से लाने की कोशिश कर रहा है। कोविड महामारी और रूस के साथ बढ़ती साझेदारी के बाद उत्तर कोरिया की विदेश नीति में बदलाव आया है। ऐसे में चीन आर्थिक निवेश, व्यापार और पर्यटन के जरिए अपने पुराने सहयोगी के साथ रिश्तों को और मजबूत करना चाहता है। हालांकि दोनों देशों के रिश्ते मजबूत हैं, लेकिन उत्तर कोरिया के परमाणु कार्यक्रम को लेकर मतभेद अभी भी मौजूद हैं।
चीन सार्वजनिक रूप से कई बार उत्तर कोरिया के परमाणु परीक्षणों का विरोध कर चुका है और परमाणु निरस्त्रीकरण की वकालत करता रहा है। इसके बावजूद हाल के वर्षों में बीजिंग ने इस मुद्दे पर अपेक्षाकृत नरम रुख अपनाया है। विश्लेषकों का मानना है कि इस शिखर वार्ता का सबसे बड़ा एजेंडा आर्थिक सहयोग होगा।उत्तर कोरिया ने अपने नए पांच वर्षीय विकास कार्यक्रम में पर्यटन, आवास निर्माण और विदेशी निवेश बढ़ाने को प्राथमिकता दी है। कोविड-19 महामारी के दौरान बंद हुई सीमाओं के कारण पर्यटन उद्योग को बड़ा नुकसान हुआ था। महामारी से पहले उत्तर कोरिया आने वाले विदेशी पर्यटकों में लगभग 90 प्रतिशत चीनी नागरिक होते थे। इसलिए प्योंगयांग के लिए चीनी पर्यटकों की वापसी आर्थिक रूप से बेहद महत्वपूर्ण मानी जा रही है।