बुसान (31 अक्टूबर 25)। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग की दक्षिण कोरिया के बुसान शहर में हुई आमने-सामने की बैठक बेहद सफल रही। ट्रंप ने बैठक के बाद घोषणा की कि अमेरिका इस वर्ष की शुरुआत में चीन पर लगाए गए 20% दंडात्मक शुल्क को घटाकर 10% करेगा। ये शुल्क फेंटानिल (एक खतरनाक मादक पदार्थ) के निर्माण में उपयोग होने वाले रसायनों की बिक्री को लेकर लगाए गए थे। बैठक के बाद ‘एयर फ़ोर्स वन’ विमान में पत्रकारों से बातचीत में ट्रंप ने कहा “अगर मैं इस बैठक को 0 से 10 के पैमाने पर आकलित करूं तो मैं इसे 12 अंक दूंगा। यह बेहद शानदार रही। उन्होंने बताया कि वह अप्रैल में चीन की यात्रा करेंगे और शी जिनपिंग उसके बाद अमेरिका आएंगे। ट्रंप ने कहा कि वह जल्द ही चीन के साथ एक नया व्यापार समझौता साइन कर सकते हैं।
हालांकि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग की मुलाकात को लेकर एक बार फिर चर्चा तेज हो गई है। ट्रंप ने इसे 'ऐतिहासिक बैठक' बताते हुए सोशल मीडिया पर लंबा बयान जारी किया, जबकि चीन के आधिकारिक मीडिया ने इस मुलाकात पर लगभग पूर्ण चुप्पी साध ली। ट्रंप ने अपने बयान में कहा कि चीन ने अमेरिका से 'बड़े पैमाने पर सोयाबीन, ज्वार (सोरघम) और अन्य कृषि उत्पादों की खरीद' करने की अनुमति दी है, जिससे अमेरिकी किसानों को भारी लाभ होगा। उन्होंने यह भी दावा किया कि चीन ने 'दुर्लभ खनिजों' और 'फेंटानिल की तस्करी रोकने' में सहयोग करने का आश्वासन दिया है। ट्रंप ने कहा- 'हमारे दोनों देशों में गहरा सम्मान है और यह बैठक उस भरोसे को और मजबूत करेगी।'
इसके अलावा ट्रंप ने यह भी बताया कि चीन अमेरिकी ऊर्जा स्रोतों, विशेषकर अलास्का से तेल और गैस खरीदने पर विचार कर रहा है। उन्होंने कहा कि इससे 'लाखों अमेरिकियों को समृद्धि और सुरक्षा मिलेगी।' हालांकि, चीन के सरकारी अखबारों ग्लोबल टाइम्स, चाइना डेली और शिन्हुआ ने इस मुलाकात पर कोई उल्लेखनीय टिप्पणी नहीं की। केवल एक संक्षिप्त बयान में यह कहा गया कि दोनों देशों के बीच “सकारात्मक वार्ता” हुई और “आपसी सहयोग बढ़ाने पर सहमति बनी।”राजनयिक विशेषज्ञों का कहना है कि यह चुप्पी संकेत देती है कि बीजिंग अभी इस वार्ता के नतीजों को लेकर सतर्क है। वहीं सोशल मीडिया पर कई विश्लेषकों ने कहा 'Empty vessels make more noise!' (खाली बर्तन ज्यादा आवाज करते हैं) जो कि अप्रत्यक्ष तौर पर ट्रंप के विस्तृत दावों पर व्यंग्य माना जा रहा है।