रोम (24 फरवरी 25)। इटली की प्रधानमंत्री जियोर्जिया मेलोनी ने हाल ही में वाशिंगटन में आयोजित कंजर्वेटिव पॉलिटिकल एक्शन कॉन्फ्रेंस में अपने वीडियो लिंक के जरिए वामपंथियों पर तीखा हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि वामपंथी राजनेता डोनाल्ड ट्रंप, नरेंद्र मोदी और अर्जेंटीना के राष्ट्रपति जेवियर मिल्ले जैसे नेताओं को लोकतंत्र के लिए खतरा बताकर दोहरे मानक अपना रहे हैं। उनका कहना था कि जब ये नेता बात करते हैं तो उन्हें आलोचना का शिकार बनाया जाता है, जबकि 90 के दशक में बिल क्लिंटन और टोनी ब्लेयर जैसे नेताओं को सम्मानित किया गया था।
मेलोनी ने अपने भाषण में कहा, 'जब ट्रंप, मेलोनी, मिल्ले या मोदी बात करते हैं, तो उन्हें लोकतंत्र के लिए खतरा कहा जाता है। यह एक और दोहरा मापदंड है, लेकिन अब हम इसके आदी हो चुके हैं। अच्छे दिन की बात यह है कि लोग अब इन झूठों पर विश्वास नहीं करते, चाहे वे हम पर कितना भी कीचड़ उछालें। नागरिक हमें वोट देते रहते हैं। उनका कहना था कि वामपंथी अब घबराए हुए हैं और उनकी चिड़चिड़ाहट उन्माद में बदल चुकी है, क्योंकि रूढ़िवादी अब वैश्विक स्तर पर एकजुट होकर काम कर रहे हैं। वे मानते हैं कि 90 के दशक में जब क्लिंटन और ब्लेयर जैसे नेता वैश्विक वामपंथी नेटवर्क बना रहे थे, तो उन्हें राजनेता माना गया, लेकिन आज जब ऐसे ही नेता ट्रंप, मोदी और वे खुद बात करते हैं तो उन्हें लोकतंत्र के लिए खतरा बताया जाता है। मेलोनी ने CPAC में अपने भाषण के दौरान स्टीव बैनन द्वारा दिए गए विवादास्पद भाषण पर भी प्रतिक्रिया दी। बैनन ने नाजी शैली की सलामी दी थी, जिसके कारण डेमोक्रेटिक पार्टी के नेता एली श्लेन ने इसे "नव-फासीवादी सभा" करार दिया। हालांकि, मेलोनी ने इन आलोचनाओं को खारिज करते हुए खुद को रूढ़िवादी आंदोलन का हिस्सा बताया और यह स्पष्ट किया कि वे लोगों की सेवा करती हैं, उन पर शासन नहीं करतीं।