इंदौर (10 जुलाई 26)। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी के छोटे भाई कुलभूषण उर्फ नाना पटवारी को लेकर गुरुवार को शहर में दिनभर हाई-वोल्टेज घटनाक्रम चलता रहा। ब्राउन शुगर तस्करी मामले में राजेंद्र नगर पुलिस ने उन्हें हिरासत में लेकर कई घंटे तक पूछताछ की। इस दौरान उनके समर्थकों और कांग्रेस नेताओं में हलचल मची रही, वहीं पुलिस की कार्रवाई को लेकर राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप का दौर भी तेज हो गया। देर रात पुलिस ने पूछताछ पूरी होने के बाद नाना पटवारी को छोड़ दिया, लेकिन स्पष्ट कर दिया कि मामला अभी जांच और अनुसंधान के चरण में है।
राजेंद्र नगर थाना पुलिस ने एक दिन पहले 10.8 ग्राम ब्राउन शुगर के साथ इरफान खान उर्फ भोलू चंदेरेस और रानी उर्फ रानी भाई को गिरफ्तार किया था। पुलिस के अनुसार पूछताछ के दौरान दोनों आरोपियों ने नाना पटवारी और मानव गंगवानी का नाम लिया। इसके बाद पुलिस ने नाना पटवारी को हिरासत में लेकर उनके कॉल डिटेल रिकॉर्ड (सीडीआर) सहित अन्य तथ्यों के आधार पर लंबी पूछताछ की। दिनभर नाना पटवारी को लेकर तरह-तरह की अटकलें लगती रहीं। पहले उनके परिजनों ने उनके लापता होने की आशंका जताई, बाद में पुलिस ने स्पष्ट किया कि उन्हें पूछताछ के लिए हिरासत में लिया गया है। पूरे घटनाक्रम के दौरान कांग्रेस नेताओं ने इसे राजनीतिक प्रतिशोध बताते हुए सरकार पर विपक्ष को निशाना बनाने का आरोप लगाया। वहीं भाजपा नेताओं ने पुलिस की कार्रवाई को कानून के तहत की गई सामान्य प्रक्रिया बताया।
डीसीपी नरेंद्र रावत ने देर रात पुष्टि की कि पूछताछ पूरी होने के बाद नाना पटवारी को छोड़ दिया गया है। उन्होंने कहा कि अभी किसी निष्कर्ष पर पहुंचना जल्दबाजी होगी। पुलिस ड्रग सप्लाई नेटवर्क और उससे जुड़े संभावित कनेक्शनों की जांच कर रही है। जांच पूरी होने तक नाना पटवारी इंदौर छोड़कर बाहर नहीं जा सकेंगे और आवश्यकता पड़ने पर उन्हें दोबारा पूछताछ के लिए बुलाया जाएगा। पुलिस का कहना है कि पूरे मामले की जांच साक्ष्यों, आरोपियों के बयानों और तकनीकी तथ्यों के आधार पर आगे बढ़ाई जा रही है। अब जांच एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि गिरफ्तार तस्करों के संपर्क किन-किन लोगों से थे और इस नेटवर्क में अन्य कौन-कौन शामिल हो सकते हैं। ऐसे में इस हाई-प्रोफाइल मामले में आने वाले दिनों में और खुलासे होने की संभावना से इनकार नहीं किया जा रहा है।
पूरे घटनाक्रम के दौरान कांग्रेस ने पुलिस कार्रवाई को राजनीतिक प्रतिशोध बताया। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने सोशल मीडिया पर मुख्यमंत्री और पीएमओ को टैग करते हुए सरकार पर विपक्ष को निशाना बनाने का आरोप लगाया। उन्होंने लिखा कि उनके परिवार को राजनीतिक कारणों से परेशान किया जा रहा है और निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। वहीं, राज्यसभा सांसद एवं वरिष्ठ अधिवक्ता विवेक तन्खा ने भी एक्स पर पोस्ट कर इस कार्रवाई पर सवाल उठाए। उन्होंने लिखा कि राजनीतिक मतभेदों के कारण इस तरह की कार्रवाई लोकतांत्रिक परंपराओं के लिए उचित नहीं है और इससे भविष्य में गंभीर परिस्थितियां पैदा हो सकती हैं। कांग्रेस नेताओं ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग करते हुए इसे सरकार की बदले की राजनीति का हिस्सा बताया।