भोपाल (21 अप्रैल 26)। राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने कहा कि करूणा और दया मानव का मूल स्वभाव है। दान अंतर्रात्मा की आवाज है। यह आत्मीय भाव से की गयी सहयोग की पहल है। इस भावना को जरूरतमंदों की सेवा में लगाने में ही जीवन की सार्थकता है। उन्होंने कहा कि सशस्त्र सेना झंडा कोष में उदार योगदान हमारे सैनिकों और उनके परिवारों का केवल आर्थिक सहयोग नहीं, बल्कि राष्ट्रभक्ति की सशक्त अभिव्यक्ति है। झंडा निधि में सहयोग राष्ट्र सेवा में समर्पित वीरों के प्रति हमारे कर्तव्य पालन का अवसर है। राज्यपाल पटेल ने प्रदेशवासियों का आहवान किया कि सैनिक कल्याण के लिए अपनी क्षमता के अनुसार अधिक से अधिक दान दें। साथ ही अन्य लोगों को भी प्रेरित करें।
राज्यपाल पटेल मंगलवार को समामेलित विशेष निधि प्रबंध समिति की बैठक उपरांत लोकभवन में आयोजित सशस्त्र सेना झंडा निधि में विशेष योगदान देने वालों के अभिनंदन समारोह को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने लक्ष्य से अधिक राशि संग्रहण के लिए संभागायुक्त जबलपुर धनंजय सिंह भदौरिया, हरदा कलेक्टर सिद्धार्थ जैन, अलीराजपुर कलेक्टर नीतू माथुर, नीमच कलेक्टर हिमांशु चंद्रा और दानदाताओं को प्रशस्ति पत्र एवं स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया। इस अवसर पर अपर मुख्य सचिव गृह केसी गुप्ता, राज्यपाल के प्रमुख सचिव डॉ. नवनीत मोहन कोठारी, सचिव गृह विभाग शिल्पा गुप्ता, जीओसी मध्यप्रदेश मेजर जनरल संजय गौतम, ब्रिगेडियर शरद नायर और विकास बत्रा सहित सैनिक कल्याण बोर्ड मध्यप्रदेश के पदाधिकारी, प्रबंध समिति के सदस्य मौजूद थे। राज्यपाल पटेल ने अभिनंदन समारोह में निर्धारित लक्ष्यों से अधिक राशि एकत्र करने वाले जिलों की सराहना की। सैनिक कल्याण प्रयासों में सहभागी सभी उपक्रमों, संगठनों और व्यक्तिगत दानदाताओं का आभार भी जताया। राष्ट्रीय सम्मेलन में विगत वर्ष सशस्त्र बलों के पूर्व सैनिकों के कल्याण के लिये उत्कृष्ट योगदान के लिए मध्यप्रदेश को सम्मानित किए जाने की बधाई दी।