Wednesday, 30 Sep 2026

टाटा समूह की नॉन-बैंकिंग फाइनेंशियल कंपनी का आईपीओ

मुंबई (07 अप्रैल 24)। टाटा समूह की एक और कंपनी, टाटा कैपिटल, अब शेयर बाजार में लिस्ट होने जा रही है। भारतीय पूंजी बाजार में अपनी उपस्थिति बढ़ाने के लिए कंपनी ने सिक्योरिटीज एंड एक्सचेंज बोर्ड ऑफ इंडिया के पास अपना ड्राफ्ट जमा कर दिया है। नवंबर 2023 में टाटा टेक्नोलॉजी की लिस्टिंग के बाद यह पहला मौका है, जब टाटा समूह से एक और आईपीओ का मामला सामने आया है। इस खबर से निवेशकों में उत्साह का माहौल है, और अब लोग यह जानने के लिए उत्सुक हैं कि इस आईपीओ से किस प्रकार के लाभ की उम्मीद की जा सकती है। टाटा कैपिटल का आईपीओ न केवल टाटा समूह के लिए एक बड़ा कदम है, बल्कि यह निवेशकों के लिए भी एक आकर्षक अवसर प्रदान करता है। इसमें निवेश करने वाले लोग आने वाले समय में अच्छा फायदा कमा सकते हैं, खासकर अगर कंपनी की आर्थिक स्थिति और बढ़ते हुए कारोबार को ध्यान में रखा जाए।

टाटा कैपिटल का आईपीओ करीब 15,000 करोड़ रुपये का होगा। इस आईपीओ के तहत नए शेयर जारी किए जाएंगे, और टाटा सन्स भी ऑफर फॉर सेल  के माध्यम से कंपनी में अपनी कुछ हिस्सेदारी बेचेगा। टाटा कैपिटल एक नॉन-बैंकिंग फाइनेंशियल सर्विसेज कंपनी है, जो वित्तीय सेवाओं के क्षेत्र में काम करती है। कई खबरें थीं कि टाटा समूह अपनी इस कंपनी का आईपीओ नहीं लाना चाहता था, लेकिन RBI के नियमों के कारण इस कदम को उठाना पड़ा। रिजर्व बैंक के नए नियम के अनुसार, अपर लेयर NBFC को तीन साल के भीतर लिस्ट होना अनिवार्य है। चूंकि टाटा कैपिटल इस श्रेणी में आता है, इसे आईपीओ लाना जरूरी था। टाटा सन्स की टाटा कैपिटल में 92.83% हिस्सेदारी है, जो इसका बड़ा हिस्सा है। ऐसे में आईपीओ लाने के साथ टाटा समूह को अपनी हिस्सेदारी का एक हिस्सा बेचने का भी मौका मिलेगा।

Tags:

Follow us

This question is not available..!