वाशिंगटन (01 अप्रैल 25)। अमेरिकी निवेश बैंक गोल्डमैन सैक्स ने चेतावनी दी है कि पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के व्यापार युद्ध के कारण अमेरिका में मंदी का खतरा बढ़ रहा है। बैंक ने हाल ही में जारी अपनी रिपोर्ट में कहा कि आने वाले 12 महीनों में मंदी की संभावना अब 35% हो गई है जो पहले 20% थी। यह व्यापार युद्ध अमेरिकी अर्थव्यवस्था पर गहरा प्रभाव डाल सकता है, जिससे विकास दर घटेगी और बेरोजगारी बढ़ेगी। गोल्डमैन सैक्स के अनुसार साल 2025 में अमेरिकी टैरिफ दर औसतन 15 प्रतिशत तक बढ़ सकती है। इससे व्यापारिक गतिविधियों पर नकारात्मक प्रभाव पड़ेगा और कंपनियों की लागत बढ़ेगी, जिससे उपभोक्ताओं को अधिक कीमत चुकानी पड़ेगी। इससे न केवल मुद्रास्फीति बढ़ेगी बल्कि आय में भी गिरावट आ सकती है। रिपोर्ट में बताया गया है कि अमेरिका में बेरोजगारी दर इस साल के अंत तक 4.5% तक पहुंच सकती है। यह आंकड़ा पहले के अनुमान से 0.3 प्रतिशत अधिक है। बेरोजगारी बढ़ने से लोगों की खर्च करने की क्षमता पर असर पड़ेगा, जिससे बाजार में मंदी और गहरी हो सकती है।
मिशिगन विश्वविद्यालय द्वारा जारी एक रिपोर्ट के मुताबिक, उपभोक्ता भावना में लगातार गिरावट आ रही है। मुद्रास्फीति को लेकर बढ़ती चिंताओं के चलते 32 वर्षों में पहली बार इतनी अधिक संख्या में लोग बेरोजगारी बढ़ने की आशंका जता रहे हैं। गोल्डमैन सैक्स का कहना है कि इस गिरावट को हल्के में नहीं लिया जाना चाहिए क्योंकि अर्थव्यवस्था पहले की तरह मजबूत नहीं है। डोनाल्ड ट्रंप ने अपने अभियान के दौरान टैरिफ को आक्रामक रूप से लागू करने का वादा किया था और अब उन्होंने इसे पूरी गंभीरता से लागू करना शुरू कर दिया है। हालांकि, निवेशक और अर्थशास्त्री इस बात से हैरान हैं कि वह कितनी आक्रामकता से अपने वादे पूरे कर रहे हैं। ट्रंप ने हाल ही में स्पष्ट कर दिया कि टैरिफ केवल कुछ देशों पर ही नहीं बल्कि सभी देशों पर लगाए जाएंगे। गोल्डमैन सैक्स के अनुसार, टैरिफ की दरें बढ़ने से उपभोक्ताओं की परेशानियां बढ़ सकती हैं। महंगाई के कारण उनकी क्रय शक्ति कमजोर होगी और खर्च करने की क्षमता कम होगी। इसके अलावा, अगर अमेरिका के व्यापारिक साझेदार भी जवाबी टैरिफ लगाते हैं, तो स्थिति और गंभीर हो सकती है।