वाशिंगटन (17 जुलाई 25)। अमेरिका ने राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के प्रशासन के गोपनीय तृतीय-देश निर्वासन कार्यक्रम के तहत पांच लोगों को अफ्रीकी देश एस्वातिनी निर्वासित कर दिया है। अमेरिका के गृह सुरक्षा विभाग ने मंगलवार को यह जानकारी दी। अमेरिकी उच्चतम न्यायालय ने हाल ही में लोगों को उन देशों में भेजने पर लगाया गया प्रतिबंध हटा दिया था, जहां से उनका कोई संबंध नहीं है। इसके बाद ट्रंप प्रशासन ने आठ लोगों को एक अन्य अफ्रीकी देश दक्षिण सूडान निर्वासित कर दिया था। हालांकि, दक्षिण सूडान की सरकार ने यह बताने से इनकार कर दिया है कि लगभग दो हफ्ते पहले पहुंचने वाले इन लोगों को कहां रखा गया है।
गृह सुरक्षा विभाग की सहायक मंत्री ट्रिशिया मैकलॉघलिन ने मंगलवार देर रात 'एक्स' पर एक पोस्ट में बताया कि वियतनाम, जमैका, क्यूबा, यमन और लाओस के पांच नागरिकों को एक विमान से एस्वातिनी भेज दिया गया है। हालांकि, उन्होंने यह नहीं बताया कि इन लोगों को कब भेजा गया और इन्हें कहां रखा गया है। मैकलॉघलिन ने कहा कि ये सभी लोग दोषी ठहराए गए अपराधी थे और 'इतने बर्बर व्यक्ति थे कि उनके मूल देशों ने उन्हें वापस लेने से इनकार कर दिया था।' उन्होंने कहा कि ये लोग 'अमेरिकी समुदायों को आतंकित कर रहे थे', लेकिन अब उन्हें 'अमेरिकी धरती से बाहर' कर दिया गया है। मैकलॉघलिन ने कहा कि इन लोगों को हत्या और बच्चों के साथ बलात्कार जैसे अपराधों के लिए दोषी ठहराया गया था और इनमें से एक बड़े गिरोह का 'कुख्यात' सदस्य रह चुका है। दक्षिण सूडान की तरह ही एस्वातिनी के अधिकारियों ने भी फिलहाल तीसरे देश के निर्वासित लोगों को स्वीकार करने के सिलसिले में अमेरिका से कोई समझौता होने के बारे में कोई जानकारी नहीं दी है, न ही उन्होंने यह बताया है कि देश में इन लोगों के साथ क्या किया जाएगा। एस्वातिनी के नागरिक समूहों ने देश की सरकार की ओर से गोपनीयता बरते जाने पर चिंता जताई है, जिस पर लंबे समय से मानवाधिकारों का हनन करने का आरोप है।