लखनऊ (07 जुलाई 26)। समाजवादी पार्टी (सपा) के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने सोमवार को भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) संगठन और उत्तर प्रदेश सरकार के बीच 'सत्ता का संघर्ष' होने का आरोप लगाया एवं कहा कि अयोध्या में लोगों की आस्था और धार्मिक भावनाओं से समझौता किया जा रहा है। यादव ने प्रदेश पार्टी मुख्यालय पर दल के नेताओं और पदाधिकारियों के साथ बैठक के बाद प्रेसवार्ता में भाजपा पर आरोप लगाया कि इस पार्टी का नेतृत्व लोगों की धार्मिक आस्था की रक्षा करने से ज्यादा अंदरूनी झगड़े को लेकर फिक्रमंद है। उन्होंने आरोप लगाया, 'हमारी आस्था और भक्ति के साथ खिलवाड़ किया जा रहा है। हर कोई जानता है कि क्या हो रहा है, फिर भी वे चुप हैं। डबल इंजन वाली सरकार (उत्तर प्रदेश और केंद्र की भाजपा सरकार) एक साथ नहीं चल रही हैं। दोनों इंजन टकरा रहे हैं। सत्ता का संघर्ष है। उन्हें आस्था या भक्ति की कोई चिंता नहीं है।'
यादव ने दावा किया कि सत्ता में बैठे लोग खजाने के लालच में 'अंधे' हो गए हैं और यह झगड़ा भाजपा के अंदर नियंत्रण की लड़ाई को जाहिर करता है। सपा प्रमुख ने आरोप लगाया कि कथित चढ़ावा चोरी मामले की विशेष अन्वेषण दल (एसआईटी) की जांच खुद भाजपा की अंदरूनी खींचतान को उजागर करती है। उन्होंने कहा, 'अगर यह प्रवर्तन निदेशालय, सीबीआई या आयकर विभाग का मामला होता, तो जांच दिल्ली के हाथ में होती। मगर इससे पहले कि दिल्ली इस बारे में सोच पाती, लखनऊ ने सब कुछ अपने हाथ में ले लिया। यह सत्ता के संघर्ष की वजह से हो रहा है।' पूर्व मुख्यमंत्री ने हिंदू धर्मगुरुओं और संस्थाओं से इस विवाद पर ध्यान देने की अपील की। उन्होंने आरोप लगाया, 'मैं दुनिया भर के राम भक्तों, अयोध्या के संतों, उच्चतम न्यायालय, लोकसभा अध्यक्ष, अयोध्या के नागरिकों और पीडीए (पिछड़े, दलित और अल्पसंख्यक वर्ग) समाज से इस पर ध्यान देने की अपील करता हूं। भाजपा मिथ्या प्रचार करने के लिए किसी भी हद तक जा सकती है।'