Thursday, 01 Oct 2026

डेयरी विकास के साथ दुग्ध उत्पादन को बढ़ाएं: मुख्यमंत्री

भोपाल (25 नवंबर 25)। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्रदेश में गोपालन को बढ़ावा देने के कार्य निरंतर संचालित किए जाएं। दुग्ध सहकारी समितियों की संख्या में निरंतर वृद्धि होना चाहिए। प्रदेश में दुग्ध उत्पादन दोगुना करने के लक्ष्य को ध्यान में रखते हुए पशुपालन और डेयरी विभाग सभी कार्य सुनिश्चित करें। गत दो वर्ष में डेयरी विकास के क्षेत्र में महत्वपूर्ण उपलब्धियां भी अर्जित हुई हैं। इन्हें निरंतर कायम रखा जाए।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मंगलवार को मंत्रालय में पशुपालन एवं डेयरी विभाग की समीक्षा बैठक में ये निर्देश दिए। बैठक में पशुपालन एवं डेयरी राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) लखन पटेल, मुख्य सचिव श्री अनुराग जैन, मुख्यमंत्री कार्यालय में अपर मुख्य सचिव नीरज मंडलोई, प्रमुख सचिव पशुपालन एवं डेयरी उमाकांत उमराव सहित विभागीय अधिकारी उपस्थित थे। बैठक में जानकारी दी गई कि प्रदेश में एक वर्ष में करीब 1000 नई दुग्ध सहकारी समितियां गठित की गई हैं। साथ ही 585 निष्क्रिय समितियों को गतिशील बनाया गया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि पशु चिकित्सा एक महत्वपूर्ण आयाम है, इसकी अवहेलना नहीं होना चाहिए। पशु चिकित्सा सेवाओं का विस्तार आवश्यक है। राज्य के पशुधन के मान से चिकित्सक और सेवा भावी स्टॉफ की व्यवस्था से युवाओं को रोजगार भी मिलेगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रदेश में वर्तमान में कार्यरत पशु चिकित्सालयों और पशु औषधालयों की जानकारी प्राप्त की। बताया गया कि प्रदेश में 1065 पशु चिकित्सालय स्थापित हैं। बैठक में राष्ट्रीय पशु रोग नियंत्रण कार्यक्रम, राष्ट्रीय पशुधन मिशन, चलित पशु चिकित्सा इकाइयों के दायित्वों, आर्चा विद्यासागर गौ संवर्धन योजना, मुख्यमंत्री डेयरी प्लस योजना, टीकाकरण कार्य, हिरण्यगर्भा अभियान, दुग्ध समृद्धि सम्पर्क अभियान, क्षीर धारा ग्राम योजना स्वावलंबी योजना और कृत्रिम गर्भाधान कार्यकर्ता पुरस्कार योजना के संबंध में चर्चा हुई।

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