चेन्नई (20 अगस्त 26)। तमिलनाडु के मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय ने राज्य के विधायकों को एक बड़ा तोहफा देते हुए उनकी लॉटरी लगा दी है। मुख्यमंत्री ने बुधवार को राज्य के सभी 233 विधायकों को एक-एक नई सरकारी गाड़ी देने का बड़ा ऐलान किया है। इतना ही नहीं, विधायकों को केवल गाड़ी ही नहीं मिलेगी, बल्कि ड्राइवर, पेट्रोल और गाड़ी के मेंटेनेंस (रखरखाव) के खर्च के लिए हर महीने 75,000 रुपए का भारी-भरकम भत्ता भी दिया जाएगा।
यह घोषणा इसलिए भी हैरान करने वाली है क्योंकि तमिलनाडु विधानसभा के सदस्य देश के सबसे अमीर जन-प्रतिनिधियों में शुमार हैं, जबकि दूसरी तरफ राज्य का सरकारी खजाना भारी कर्ज के बोझ तले दबा हुआ है। मुख्यमंत्री विजय का यह फैसला हर किसी को चौंका रहा है, क्योंकि सरकार गठन के महज एक महीने बाद ही उन्होंने खुद कहा था कि उन्हें 'खाली खजाना' मिला है। 16 जून को विजय सरकार द्वारा जारी एक व्हाइट पेपर (श्वेत पत्र) में खुलासा किया गया था कि तमिलनाडु पर 13.18 लाख करोड़ रुपये का भारी कर्ज है। ऐसे में सवाल उठ रहे हैं कि जब राज्य पहले से ही कर्ज के दलदल में फंसा है, तो विधायकों पर इस फिजूलखर्ची की क्या जरूरत थी?
मुख्यमंत्री विजय ने इस फैसले का बचाव करते हुए कहा है कि विधायकों को अपने क्षेत्रों में विकास कार्यों की निगरानी करने, लोगों से मिलने और अधिकारियों के साथ तालमेल बिठाने के लिए काफी यात्रा करनी पड़ती है। सरकारी गाड़ी मिलने से वे अपनी जिम्मेदारियों को अधिक पारदर्शिता और भ्रष्टाचार मुक्त तरीके से निभा सकेंगे। सरकार का यह भी तर्क है कि पहली बार चुनकर आए कई विधायक साधारण आर्थिक पृष्ठभूमि से आते हैं, जिनके पास बड़े पैमाने पर यात्रा करने के लिए पर्याप्त संसाधन नहीं हैं। दिलचस्प बात यह है कि मुख्यमंत्री ने यह बड़ी घोषणा अपनी सहयोगी पार्टी वीसीके के विधायक जोतिमणि के अनुरोध पर की है। विजय सरकार में शामिल वीसीके के पास विधानसभा में केवल 2 विधायक हैं। जोतिमणि की मांग को स्वीकार करते हुए मुख्यमंत्री ने पूरी विधानसभा के लिए खजाना खोल दिया। खुद जोतिमणि के पास ₹85.47 लाख की संपत्ति है और वे 2012 मॉडल की टोयोटा इटियोस कार के मालिक हैं।