बीजिंग (21 मई 25)। अफगानिस्तान में तालिबान की अंतरिम सरकार ने बुधवार को चीन को आश्वासन दिया कि वह किसी भी ताकत को चीन के खिलाफ देश की जमीन का इस्तेमाल करने की इजाजत नहीं देगी। अफगानिस्तान के कार्यवाहक विदेश मंत्री आमिर खान मुत्तकी ने यहां चीन के शीर्ष राजनयिक वांग यी के साथ बैठक के दौरान कहा कि अफगानिस्तान, चीन की सुरक्षा चिंताओं को बहुत महत्व देता है और किसी भी ताकत को चीन को नुकसान पहुंचाने वाली गतिविधियों के लिए अफगान क्षेत्र का उपयोग करने की अनुमति नहीं देगा। तालिबान का यह बयान चीन, पाकिस्तान और अफगानिस्तान की बुधवार को चीन-पाकिस्तान आर्थिक गलियारे (CPEC) को लेकर हुई डील के बाद आया है।
चीनी विदेश मंत्रालय की प्रेस विज्ञप्ति में कहा गया है कि मुत्तकी ने वांग से कहा कि अफगानिस्तान सुरक्षा क्षेत्र में चीन के साथ सहयोग को मजबूत बनाने, हिंसक अपराधों का मुकाबला करने, अफगानिस्तान में चीन के हितों की रक्षा करने और संयुक्त रूप से क्षेत्रीय सुरक्षा एवं स्थिरता बनाए रखने के लिए तैयार है। बुधवार को चीन, पाकिस्तान और अफगानिस्तान के विदेश मंत्रियों की अनौपचारिक त्रिपक्षीय बैठक में भी भाग लेने वाले मुत्तकी ने वांग से अलग से मुलाकात की और द्विपक्षीय मुद्दों पर चर्चा की। चीन 2021 में तालिबान के सत्ता पर कब्जा करने के बाद बनी सरकार के साथ राजनयिक संबंध जारी रखने वाले शुरुआती देशों में से एक था। अफगानिस्तान की वखान कॉरिडोर नामक क्षेत्र के साथ छोटी सी सीमा है। यह कॉरिडोर अफगानिस्तान के बदख्शां प्रांत को चीन के अस्थिर झिंजियांग प्रांत से जोड़ता है, जहां चीन ने कथित तौर पर इस्लामिक स्टेट और अल-कायदा के साथ संबंध रखने वाले ईस्ट तुर्किस्तान इस्लामिक मूवमेंट (ईटीआईएम) पर कार्रवाई शुरू की है। मुत्तकी ने वांग से कहा कि अफगानिस्तान की अंतरिम सरकार चीन के साथ पारंपरिक मित्रता को महत्व देती है तथा विदेश नीति में बीजिंग का महत्वपूर्ण स्थान है। उन्होंने कहा कि अफगान सरकार एक-चीन सिद्धांत का दृढ़ता से समर्थन और चीन के आंतरिक मामलों में हस्तक्षेप का विरोध करती है।