अयोध्या (02 फरवरी 25)। कांग्रेस नेता राहुल गांधी और प्रियंका गांधी वाड्रा ने उत्तर प्रदेश के अयोध्या में एक लापता दलित युवती का शव नहर में मिलने के बाद भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) पर निशाना साधा और दोषियों तथा कदम नहीं उठाने वाले पुलिस अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की। अयोध्या में लापता 22 वर्षीय दलित युवती का निर्वस्त्र शव उसके गांव के पास नहर में मिला। पुलिस अधिकारियों ने शनिवार को बताया कि युवती के परिवार ने हत्या का आरोप लगाया है। परिवार के सदस्यों ने दावा किया कि उसकी आंखें निकाल ली गई थीं और शरीर पर गहरे घाव के निशान थे। युवती के परिवार ने पुलिस पर निष्क्रियता का आरोप लगाया है। उन्होंने आरोप लगाया है कि गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज होने के बावजूद अधिकारियों ने सक्रियता से उसकी तलाश नहीं की।
मिली जानकारी के मुताबिक, राहुल ने ‘एक्स' पर एक पोस्ट में कहा, ‘अयोध्या में दलित बेटी के साथ हुई अमानवता और उसकी नृशंस हत्या हृदयविदारक तथा बहुत शर्मनाक है। तीन दिन से गूंजती पीड़िता के परिवार की मदद की पुकार पर अगर प्रशासन ने ध्यान दिया होता, तो शायद उसका जीवन बचाया जा सकता था।' उन्होंने कहा, ‘एक और बेटी के जीवन का इस घिनौने अपराध से अंत हो गया। आखिर कब तक और कितने परिवारों को इस तरह रोना-तड़पना पड़ेगा? बहुजन विरोधी भाजपा राज में खासकर उत्तर प्रदेश में दलितों पर घृणित अत्याचार, अन्याय और हत्या बेलगाम बढ़ता जा रहा है।' राहुल ने कहा कि उत्तर प्रदेश सरकार इस अपराध की तुरंत जांच कर दोषियों को कड़ी से कड़ी सजा दिलवाने के साथ जिम्मेदार पुलिसकर्मियों पर सख्त कार्रवाई करे। उन्होंने कहा, ‘और कृपया कर पीड़ित परिवार को हमेशा की तरह प्रताड़ित न करें। देश की बेटियां और पूरा दलित समाज न्याय के लिए आपकी ओर देख रहा है।'
प्रियंका ने कहा, 'अयोध्या में भागवत कथा सुनने गई एक दलित युवती के साथ जिस तरह की बर्बरता हुई, उसे सुनकर किसी भी इंसान की रूह कांप जाए। ऐसी क्रूर घटनाएं समूची मानवता को शर्मसार करती हैं। युवती तीन दिन से गायब थी, लेकिन पुलिस ने कुछ नहीं किया।' उन्होंने उत्तर प्रदेश सरकार पर निशाना साधते हुए कहा, 'भाजपा के जंगलराज में दलितों, आदिवासियों, पिछड़ों और गरीबों की चीख कोई सुनने वाला नहीं है।' कांग्रेस नेता ने आरोप लगाया, ‘‘उत्तर प्रदेश सरकार दलितों पर अत्याचार का पर्याय बन गई है। मेरी मांग है कि अत्याचार करने वाले दोषियों के साथ-साथ जिम्मेदार पुलिसकर्मियों और अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई हो।'