नईदिल्ली (23 नवंबर 25)। राजधानी दिल्ली में नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (NCB) ने एक बड़े ऑपरेशन के तहत 262 करोड़ रुपये से अधिक मूल्य की ड्रग्स बरामद की हैं। यह कार्रवाई एक फार्महाउस पर छापेमारी से शुरू हुई, जिसके बाद NCB ने लगातार तीन दिनों तक ऑपरेशन चलाया। इस दौरान अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सक्रिय सिंथेटिक ड्रग नेटवर्क का खुलासा हुआ।
ऑपरेशन में 25 वर्षीय शेन वारिस को नोएडा से गिरफ्तार किया गया। शेन, यूपी के अमरोहा जिले के मंगरौली गांव का रहने वाला है और नोएडा सेक्टर-5, हरौला में किराए के मकान में रहता था। वह एक कंपनी में सेल्स मैनेजर के पद पर काम करता था। जांच में पता चला कि शेन अपने "बॉस" के निर्देश पर फर्जी सिम कार्ड और एन्क्रिप्टेड चैट ऐप्स का इस्तेमाल करता था ताकि उसकी लोकेशन और गतिविधियां ट्रेस न हो सकें। शेन को 20 नवंबर 2025 को गिरफ्तार किया गया। पूछताछ में उसने ड्रग नेटवर्क में अपनी भूमिका स्वीकार की और कई महत्वपूर्ण जानकारियां साझा कीं। शेन ने एस्टर किमीनी नामक महिला का भी उल्लेख किया, जिसके जरिए ड्रग कंसाइनमेंट पोर्टर राइडर के माध्यम से भेजा गया था। शेन की जानकारी पर NCB ने 20 नवंबर को छतरपुर एन्क्लेव फेज-2 में छापेमारी की। यहां से 328.54 किलो मेथाम्फेटामिन बरामद हुई, जिसकी अंतरराष्ट्रीय मार्केट में कीमत 262 करोड़ रुपये से अधिक बताई जा रही है। इतनी बड़ी मात्रा में ड्रग्स की बरामदगी NCB की हाल के वर्षों की सबसे बड़ी सफलताओं में गिनी जा रही है। शेन की जानकारी से NCB को न केवल ड्रग्स बरामद करने में मदद मिली, बल्कि नेटवर्क के विदेशी लिंक, स्थानीय साथी, सप्लाई रूट और लेन-देन के तरीके का भी सुराग मिला।
जांच में यह स्पष्ट हुआ कि यह गिरोह अंतरराष्ट्रीय ड्रग सिंडिकेट का हिस्सा है, जिसे विदेश में बैठे ऑपरेटर्स कंट्रोल कर रहे थे। NCB अब सप्लायर्स, को-कॉन्सपिरेटर, फाइनेंशियल चैनल, स्टोरेज पॉइंट और ट्रांसपोर्ट रूट का पूरा नक्शा तैयार कर रही है। टीम का कहना है कि आने वाले दिनों में और भी गिरफ्तारियां हो सकती हैं। दिल्ली–एनसीआर में सक्रिय बड़े सिंथेटिक ड्रग नेटवर्क का खुलासा NCB ने किया। नोएडा से गिरफ्तार शेन वारिस फर्जी सिम और एन्क्रिप्टेड ऐप्स के जरिए नेटवर्क को संचालित करता था। शेन की जानकारी पर छतरपुर में 328.54 किलो मेथाम्फेटामिन बरामद हुई, जिसकी कीमत 262 करोड़ रुपये से अधिक है।