उज्जैन (30 मार्च 25)। राज्यपाल मंगुभाई पटेल और मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की उपस्थिति में रविवार को विक्रम विश्वविद्यालय उज्जैन का 29वां दीक्षांत समारोह आयोजित हुआ। स्वर्ण जयंती सभागार में आयोजित समारोह में मुख्यमंत्री डॉ. यादव और हार्टफुलनेस संस्था के संस्थापक कमलेश पटेल को विश्वविद्यालय द्वारा डी-लिट की मानद उपाधि प्रदान की गई। साथ ही 70 विद्यार्थियों को उपाधि, 99 को मेडल और 2 शोधार्थियों को डी-लिट उपाधि प्रदान की गई। राज्यपाल पटेल ने कहा कि दीक्षांत समारोह वास्तव में सेवा के संकल्प का समारोह है। जीवन में सफलता के लिए कठोर अनुशासन की आवश्यकता होती है। राज्यपाल ने कहा कि शिक्षा, धर्म, साहित्य, संस्कृति, विज्ञान और व्यापार के क्षेत्रों में भारत के मानचित्र पर उज्जैन की अपनी विशिष्ट पहचान है। क्षिप्रा के पवित्र तट पर बसे उज्जैन नगर में विद्याध्ययन की अभिलाषा से आये श्रीकृष्ण की कथा पूरे संसार में प्रसिद्ध है। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में ज्ञान-विज्ञान के अनेक नवीन क्षेत्र प्रकाश में आ रहे हैं। पारम्परिक विषयों के साथ अनेक नवीन विषयों में उच्च शिक्षा के नये आयाम विकसित हुए हैं।
समारोह में मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि आज का दिन कई मायनों में हम सब के लिए अत्यन्त महत्वपूर्ण है। उज्जैन नगरी सात पवित्रतम नगरियों में से एक है। हर कल्प में इसका विशेष महत्व रहा है। आज उज्जैन का गौरव दिवस भी है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि विक्रम विश्व विद्यालय अब सम्राट विक्रमादित्य के नाम से जाना जाएगा। माधव विज्ञान महाविद्यालय के परिसर में शीघ्र ही विशाल सभागार बनाया जाएगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने उज्जयिनी के गौरव दिवस और विश्वविद्यालय के दीक्षांत समारोह की बधाई देते हुए कहा कि विद्यार्थियों ने अपनी प्रतिभा और परिश्रम के आधार पर प्रावीण्य सूची में स्थान प्राप्त करने के साथ अन्य उपलब्धियां अर्जित की हैं। यह उपलब्धियां विद्यार्थियों के ज्ञान और विद्या के साथ उनका उत्तरदायित्व भी बढ़ाती हैं। समारोह में उच्च शिक्षा मंत्री इंदरसिंह परमार, विश्वविद्यालय के कुलगुरु प्रो. अर्पण भारद्वाज और कुल सचिव अनिल शर्मा पद्मभूषण से अलंकृत कमलेश डी. पटेल कार्यक्रम का संचालन वीरेंद्र चावरे ने किया और आभार प्रदर्शन कुल सचिव डॉ. अनिल शर्मा ने किया। इस अवसर पर विश्व विद्यालय के कार्य परिषद के सदस्य राजेश सिंह कुशवाह, रूप पमनानी, मंजुषा मिमरोट, वरूण गुप्ता, डॉ. संजय वर्मा, सुषमा निगवाल एवं विभिन्न संकायों के अध्यक्ष, अतिथि अध्यापक गण, उपाधि ग्रहण करने वाले विद्यार्थी और उनके अभिभावक मौजूद थे।