Thursday, 01 Oct 2026

दुग्ध-उत्पादों की बेहतर मार्केटिंग जरूरी: सीएम

भोपाल (19 अगस्त 25)। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्रदेश में दुग्ध उत्पादन बढ़ाने के साथ दुग्ध उत्पादों की बेहतर ब्राडिंग, गोवंश की समुचित देखभाल, वेटनरी क्षेत्र में आवश्यक प्रशिक्षण और उन्नत अधोसंरचना स्थापित करने में राष्ट्रीय डेयरी विकास बोर्ड की विशेषज्ञता का हरसंभव लाभ लिया जाए। वर्ष 2030 तक प्रदेश के 26 हजार गांवों तक डेयरी नैटवर्क का विस्तार सुनिश्चित किया जाना है। इससे 52 लाख किलोग्राम दुग्ध संकलन होगा। बढ़े हुए दुग्ध संकलन का समुचित उपयोग सुनिश्चित करने के लिए आधुनिकतम दुग्ध प्रसंस्करण अवसंरचना विकसित की जाए। प्रदेश में निर्मित होने वाले दुग्ध उत्पादों की राष्ट्रीय स्तर पर ब्राडिंग सुनिश्चित की जाए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव मंगलवार को राष्ट्रीय डेयरी विकास बोर्ड और प्रदेश के दुग्ध संघों की गतिविधियों के संबंध में मंत्रालय में हुई बैठक को संबोधित कर रहे थे।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि वैटनरी कॉउंसिल ऑफ इंडिया के सहयोग से प्रदेश के सभी विश्वविद्यालयों में वैटनरी के कोर्स संचालित किए जाएं। उन्होंने नगरीय‍निकायों की बड़ी गो-शालाओं के उन्नयन और प्रबंधन में राष्ट्रीय डेयरी विकास बोर्ड से सहयोग लेने की आवश्यकता भी बताई। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश के सभी दुग्ध संघों में एक समान उत्पाद निर्माण सुनिश्चित करने के लिए स्टेण्डर्ड ऑपरेटिंग प्रोसिजर अपनाना आवश्यक है। दुग्ध उत्पादकों को दुध-मूल्य के नियमित और समय पर भुगतान की व्यवस्था की नियमित मॉनीटरिंग हो। जिन क्षेत्रों में दुग्ध संघ की पहुंच सीमित है, वहां निजी दुग्ध व्यवसायियों को अद्यतन तकनीक का आवश्यक प्रशिक्षण उपलब्ध कराकर दुग्ध व्यवसाय को प्रोत्साहित और सशक्त किया जाए। प्रदेश के दुग्ध संघ, मध्यप्रदेश राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन और मध्यप्रदेश कृषि उद्योग निगम में बेहतर समन्वय सुनिश्चित हो।

बैठक में जानकारी दी गई कि सम्पूर्ण डेयरी चैन का डिजिटाइजेशन करने के लिए दुग्ध संघों में प्रक्रिया आरंभ की गई है। दुग्ध संकलन के लिए इंदौर दुग्ध संघ द्वारा मोबाइल एप का उपयोग आरंभ किया गया है, जिससे दुग्ध उत्पादकों को उनके द्वारा प्रदाय किए गए दूध की मात्रा, गुणवत्ता और मूल्य की जानकारी तत्काल प्राप्त होती है। भोपाल दुग्ध संघ द्वारा शहरी उपभोक्ताओं को दूध की गुणवत्ता की जांच की सुविधा उपलब्ध कराने के लिए 'दूध का दूध-पानी का पानी' अभियान आरंभ किया गया है। भोपाल दुग्ध संघ ने 'सांची भात योजना' भी आरंभ की है, जिसमें सहकारी समितियों के सदस्यों की बेटियों के विवाह के अवसर पर दुग्ध संघ की ओर से 11 हजार रूपए और वस्त्र, भात के रूप में प्रदान किए जाएंगे। उज्जैन दुग्ध संघ द्वारा पशुधन स्वास्थ्य में सुधार के लिए विशेष अनुदान उपलब्ध कराया जा रहा है। बैठक में मुख्यमंत्री के अपर मुख्य सचिव नीरज मंडलोई, प्रमुख सचिव पशुपालन एवं डेयरी विकास उमाकांत उमराव, चेयरमैन राष्ट्रीय डेयरी विकास बोर्ड डॉ. मीनेष शाह, वेटनरी कॉउंसिल ऑफ इंडिया के अध्यक्ष डॉ. उमेश शर्मा सहित पदाधिकारी उपस्थित थे।


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