Wednesday, 30 Sep 2026

दुनिया पर मंडरा रहा इतिहास का सबसे बड़ा ऊर्जा संकट: IEA

पेरिस (24 अप्रैल 26)। अंतर्राष्ट्रीय ऊर्जा एजेंसी (IEA) के प्रमुख फातिह बिरोल ने चेतावनी दी है कि दुनिया इस समय 'इतिहास के सबसे बड़े ऊर्जा सुरक्षा संकट' का सामना कर रही है।उन्होंने बताया कि वैश्विक बाजार से अब तक करीब 13 मिलियन बैरल प्रतिदिन तेल की सप्लाई कम हो चुकी है। इसका मुख्य कारण Rjev से जुड़ा संघर्ष और होर्मुज़ का बंद होना है। 

होर्मुज़ जलडमरूमध्य ( Strait of Hormuz ) दुनिया के सबसे अहम तेल मार्गों में से एक है, जहां से रोजाना लगभग 20 मिलियन बैरल तेल और पेट्रोलियम उत्पाद गुजरते थे। लेकिन अब यहां 'डबल नाकेबंदी' जैसी स्थिति बन गई है, जहां न तो ईरान और न ही United States जहाजों को आसानी से गुजरने दे रहे हैं। इसका सीधा असर पूरी दुनिया की अर्थव्यवस्था पर पड़ रहा है। IEA के अनुसार महंगाई बढ़ सकती है, आर्थिक विकास धीमा पड़ सकता है, कई देशों में ऊर्जा की कमी हो सकती है। यूरोप में स्थिति और गंभीर है। वहां जेट फ्यूल की भारी कमी हो गई है, क्योंकि पहले करीब 75% सप्लाई मध्य-पूर्व से आती थी, जो अब लगभग बंद हो चुकी है। ऐसे में फ्लाइट्स कम करनी पड़ सकती हैं। फातिह बिरोल ने कहा कि इस संकट के कारण दुनिया में ऊर्जा के नए स्रोतों की ओर तेजी से बदलाव होगा। 

हालांकि, उन्होंने यह भी कहा कि कुछ देशों में कोयले का उपयोग भी फिर बढ़ सकता है, खासकर एशिया के बड़े देशों में।स्थिति को संभालने के लिए IEA ने 400 मिलियन बैरल तेल अपने इमरजेंसी भंडार से जारी करने का फैसला किया है। लेकिन बिरोल ने साफ कहा कि यह सिर्फ अस्थायी राहत है, स्थायी समाधान नहीं। उन्होंने जोर देकर कहा कि असली समाधान सिर्फ होर्मुज को फिर से खोलना है।  

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