नईदिल्ली (01 जनवरी 26)। दुनिया में सबसे पहले नया साल प्रशांत महासागर के द्वीपीय देशों में शुरू होता है। इंटरनेशनल डेट लाइन के सबसे पूर्व में स्थित देश सबसे पहले 1 जनवरी में प्रवेश करते हैं, जिनमें किरिबाती सबसे आगे है। दुनिया में नए साल 2026 की शुरुआत हो चुकी है। किरिबाती भारत से 8 घंटे 30 मिनट आगे है, इसलिए वहां भारत से पहले नया साल आ जाता है। किरिबाती के ठीक एक घंटे बाद न्यूजीलैंड में भी नया साल दस्तक देता है। न्यूजीलैंड भारत से लगभग 7 घंटे 30 मिनट आगे है। इसके विपरीत, अमेरिका में भारत से करीब 9 घंटे बाद नया साल मनाया जाता है। टाइम जोन के कारण दुनिया के 29 देश भारत से पहले नए साल का स्वागत करते हैं।
दुनिया भर में नए साल का स्वागत पूरे जोश के साथ किया जा रहा है। भारत में भी नए साल का जश्न देर रात तक मनाया गया। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू सहित अनेक नेताओं ने नव वर्ष 2026 की नागरिकों को बधाई दी तथा सभी से देश के विकास, सामाजिक सद्भाव व पर्यावरण संरक्षण के प्रति अपनी प्रतिबद्धता को और मजबूत करने के लिये कहा। एक संदेश में उन्होंने कहा कि नया साल नयी ऊर्जा और सकारात्मक बदलाव का प्रतीक है। इधर देश के लोगों ने अपने-अपने तरीके से वर्ष 2025 को विदा किया और नए साल 2026 की अगवानी की। कोई होटल और रेस्त्रां में पार्टी करता नजर आया तो किसी ने दपरयटन स्थलों की सैर कर मौज-मस्ती की। इस दौरान धार्मिक स्थलों पर भी जबरदस्त भीड़ उमड़ी। मथुरा, काशी, अयोध्या, वैष्णोदेवी, खाटू श्याम, सांवरिया जी, सोमनाथ और महाकाल मंदिर उज्जैन सहित अनेक तीर्थ स्थलों पर श्रद्धालुओं का सैलाब नजर आया। यह सिलसिला नववर्ष के पहले दिन भी जारी रहा।