इंदौर (31 दिसंबर 25)। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने इंदौर के भागीरथपुरा क्षेत्र में घटित घटना के बाद अस्पताल पहुंचकर उपचाराधीन नागरिकों का हालचाल जाना। मुख्यमंत्री ने भर्ती मरीजों से बातचीत कर उनके स्वास्थ्य की जानकारी ली और उन्हें हरसंभव सहायता का भरोसा दिलाया।
इस दौरान मुख्यमंत्री यादव ने चिकित्सकों से उपचार की प्रगति की विस्तृत जानकारी प्राप्त की। उन्होंने निर्देश दिए कि सभी प्रभावित नागरिकों को समुचित, त्वरित और गुणवत्तापूर्ण चिकित्सा सुविधाएं सुनिश्चित की जाएं। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार संकट की इस घड़ी में पीड़ित परिवारों के साथ खड़ी है और इलाज में किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। बता दें कि इंदौर के भागीरथपुरा में दूषित पानी पीने से अब तक 10 मौत हो चुकी हैं। 150 से ज्यादा लोग अलग-अलग अस्पतालों में भर्ती हैं। वहीं इस बीच अब खुद मुख्यमंत्री मरीजों का हाल जानने के लिए अस्पताल पहुंचे हुए हैं।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि जनसामान्य का स्वास्थ्य, राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। स्वास्थ्य के साथ किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि इंदौर के भागीरथपुरा क्षेत्र में दूषित जल आपूर्ति से नागरिकों के संक्रमित होने की घटना को अत्यंत गंभीरता से लिया गया है। घटना में लापरवाही पाये जाने पर जोन क्रमांक-4 के जोनल अधिकारी, सहायक यंत्री एवं प्रभारी सहायक यंत्री लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग को तत्काल प्रभाव से निलंबित किया गया है। प्रभारी उपयंत्री लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग को सेवा से बर्खास्त कर दिया गया है। मामले की गहन जांच के लिए वरिष्ठ अधिकारियों की समिति भी गठित कर दी गई है।